Re: [Green-India] waste tyre recycling.

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jyoti bihani

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Feb 26, 2011, 1:20:12 AM2/26/11
to green...@googlegroups.com
hi, can anybody guide me about waste tyre recycling technic. I want to
setup a unit and want plant supplier, it's vaibility.setting up this
plant at what extend i can save pollution. Plz guide
me.thank's.↲biyani. My mail. horizon...@gmail.com


On 2/25/11, SUNIL RAGHUVANSHI <sunilkra...@gmail.com> wrote:
> सौर ऊर्जा से बदलती जिंदगी : गोवा को सैलानियों का स्वर्ग कहा जाता है.
> साल भर देशी-विदेशी सैलानी गोवा के खूबसूरत समुद्र तटों का आनंद उठाते
> नजर आते हैं. लेकिन शहर की रंगीनियों से दूर इस राज्य के देहाती इलाकों
> में एक नई क्रांति अंगड़ाई ले रही है.
> इस क्रांति को संभव बनाया है सौर ऊर्जा ने. कभी बेहद महंगी समझी जाने
> वाली यह उर्जा तक अब किसानों तक भी पहुंचने लगे हैं. राज्य के कृषि विभाग
> ने किसानों को यह तकनीक सुलभ कराई है. इसकी सहायता से किसान अपने खेतों
> में बिजली के तारों की बाड़ लगा कर फसलों को जानवरों से बचाने का अनूठा
> प्रयोग कर रहे हैं.
> महंगी तकनीक
> कोटिगा गांव के लक्ष्मण गावोनकर बताते हैं, "सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से
> पहले भी हम खेतों में गन्ना और धान उगाते थे. लेकिन कभी हमें पूरी फसल
> नहीं मिलती थी. हमारी 40 फीसदी फसल जानवर खा जाते थे. लेकिन खेतों में
> बाड़ लगने के बाद जानवरों की ओर से होने वाला नुकसान बंद हो गया है. इससे
> हमें काफी फायदा हुआ है. हम अपनी तमाम फसलें उगा सकते हैं."
> वैसे, यह तकनीक अब भी महंगी है. एक वर्गकिलोमीटर खेत में ऐसी बाड़ लगाने
> पर अममून दो लाख रुपये का खर्च आता है. लेकिन गोवा में कृषि निदेशालय इस
> पर पचास फीसदी की छूट दे रहा है. कम्युनिटी फेंसिग स्कीम के तहत पूरे
> गांव के लोग एक समूह के तौर पर इसके लिए आवेदन करते हैं. इसके लिए उनको
> महज दस हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं. लेकिन इससे फसल जानवरों से
> सुरक्षित रहती है. लक्ष्मण बताते हैं, "हमने पांच-छह महीने पहले सौर
> ऊर्जा वाली बाड़ लगाई थी. तबसे बंदर या लोमड़ियां खेतों में नहीं घुस
> पाती हैं. अब हम रातों को घर में चैन की नींद सो सकते हैं. पहले हमें
> जानवरों के खेत में घुसने की चिंता रहती थी. लेकिन अब ऐसा नहीं है."
> सुंदरबन में रोशनी सौर ऊर्जा से : दूर देश के पूर्वी छोर पर बंगाल की
> खाड़ी से सटे सुंदरबन में भी सौर ऊर्जा से रोशनी हो रही है. दुनिया में
> रॉयल बंगाल टाइगर का सबसे बड़ा घर कहे जाने वाले इस जंगल में इंसानों की
> हालत जानवरों से भी बदतर है. सुदंरबन की ज्यादातर बस्तियों और द्वीपों पर
> बिजली नहीं पहुंच सकी है. इलाके का बीहड़ होना और आवाजाही की सुविधा का
> अभाव इसकी प्रमुख वजह है. लेकिन अब पश्चिम बंगाल सौर ऊर्जा विकास निगम की
> पहल पर सागरद्वीप में पहला सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित होने के बाद इलाके
> के लोगों का जीवन काफी हद तक बदल गया है. अब उनको लालटेन की टिमटिमाती
> रोशनी में रात का अंधेरा काट खाने नहीं दौड़ता. जिनके लिए कभी पारंपरिक
> बिजली भी सपना थी, उनके घर आज सौर ऊर्जा से जगमगा रहे हैं. मौसमी द्वीप
> के बलियारा गांव के दीपक कुमार सील का परिवार अब तक मिट्टी के तेल से
> जलने वाले दीए की रोशनी पर ही निर्भर था. लेकिन अब सौर ऊर्जा से उनलोगों
> का जीवन ही बदल गया है. वह कहते हैं, "पहले हम घर में मिट्टी के तेल के
> दीए और लालटेन जलाते थे. मिट्टी का तेल खरीदने के लिए हमें महीने में
> डेढ़ से दो सौ रुपए खर्च करने पड़ते थे. लेकिन अब सौर ऊर्जा आने के बाद
> एक कनेक्शन के लिए पांच सौ रुपए देने होते हैं. इसके लिए महीने में सिर्फ
> 75 रुपए खर्च होते हैं. हमें रोजाना पांच से छह घंटे बिजली मिलती है. अब
> हम टीवी भी देख सकते हैं. पहले यह संभव नहीं था. सौर ऊर्जा से निश्चित
> तौर पर हमें काफी फायदा हुआ है."
> फैलता दायरा : बलियारा गांव के चार हजार में से डेढ़ हजार लोग फिलहाल सौर
> ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं और यह तादाद लगातार बढ़ती जा रही है.
> पश्चिम बंगाल सौर ऊर्जा विकास निगम के निदेशक एस.पी. गनचौधरी कहते हैं कि
> भौगोलिक प्रतिकूलता की वजह से सुंदरबन डेल्टा में रहने वाले लगभग 40 लाख
> लोगों को पारंपरिक बिजली मुहैया करना संभव नहीं था. फिलहाल सुंदरबन इलाके
> में सौर ऊर्जा की लगभग 20 परियोजनाओं के जरिए लगभग एक लाख लोगों को बिजली
> मुहैया कराई जा रही है. गनचौधरी के मुताबिक, "हम कई प्रस्तावों पर विचार
> कर रहे हैं. सबसे पहले हमने सागर द्वीप में एक ऐसी परियोजना शुरू की थी.
> बाद में दूसरे द्वीपों में भी ऐसी परियोजनाएं शुरू की गई हैं. फिलहाल ऐसी
> 18 से 20 परियोजनाएं काम कर रही हैं और उनसे सुंदरबन के एक लाख लोगों को
> बिजली मिल रही है."
> इलाके के ज्यादातर द्वीपों में जाने के लिए अब भी नावें ही एकमात्र साधन
> है. लेकिन अब सौर ऊर्जा से वहां के लोगों को सहूलियत हो गई है. यह ऊर्जा
> न सिर्फ सस्ती है बल्कि यह प्रदूषणमुक्त भी है.
>
> S.K.SINGH
> National Sales Manager ( Solar)
> TRUE POWER INTERNATIONAL LTD.
> BG-135 , Sanjay Gandhi Transport Nagar ,
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> Tel: 011- 27833603 Ext. 25
> Mob: 09310322882 / 09810322882
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Ritesh Parikh

unread,
Feb 26, 2011, 2:43:04 AM2/26/11
to green...@googlegroups.com
visit the site www.anjaliexim.com
its our company do let me know if u need more detail

thanks
ritesh parikh

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