सोमवार की शाम नोएडा बोर्ड की बैठक कई बड़े फैसलों के साथ समाप्त हुई। आधारभूत ढांचे के विकास, निवेशकों और कर्मचारियों के हितों से जुड़ी कई योजनाओं पर मुहर लगी। ग्रेटर नोएडा को उसका सबसे बड़ा तोहफा यानी मेट्रो मिल गई। वहीं नोएडा प्राधिकरण ने कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र को 58 से बढ़ाकर 60 कर दिया।
नोएडा ने तो विकास के बजट में पूरे 40 फीसदी का इजाफा कर दिया है। गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण विकास कार्यों पर जितना खर्च करने वाले हैं वह कई राज्यों और यहां तक की कुछ देशों के बजट से भी ज्यादा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे पर वर्ष 2012-13 में 14 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
भले ही ग्रेटर नोएडा को जेवर में एयरपोर्ट का तोहफा नहीं मिल पाया मगर नोएडा सेक्टर 71 से नोएडा एक्टेंशन तक मेट्रो ले जाने को मंजूरी मिल गई है। दोनों प्राधिकरण इस योजना पर मिल कर करीब 18 सौ करोड़ रुपये खर्च करेंगे।
इसके अलावा नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच एक्सप्रेस वे के साथ पीपीपी मॉडल पर भी मेट्रो चलाने की योजना पर सहमति बन गई है। 35 किलोमीटर के इस ट्रैक पर आठ हजार करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है।
वहीं, बॉटेनिकल गार्डेन मेट्रो विस्तार की डीपीआर को भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है, जिस पर 845 करोड़ का कुल बजट खर्च होगा, जिसमें नोएडा 500 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी देगा।
सेक्टर 6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण का सर्वसम्मति से सालाना बजट पास किया गया। इसमें नोएडा प्राधिकरण का वार्षिक बजट 7,021.40 करोड़, ग्रेटर नोएडा का 4,797.77 करोड़ और यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के लिए 2,531.63 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया।
नोएडा के सीईओ संजीव सरन और ग्रेनो व यमुना प्राधिकरण के सीईओ रमा रमण ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में इसका खुलासा किया। इसमें साफ कर दिया गया कि नोएडा में 3,000 करोड़ रुपये से विकास कार्य किए जाएंगे, जबकि पिछले साल यह राशि 2,626 करोड़ थी। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में 2,000 करोड़ और यमुना में 638 करोड़ रुपये से विकास कार्य होंगे। नोएडा में मेट्रो विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है।
भूमि अधिग्रहण पर नोएडा 2500 करोड़, ग्रेनो 2,540 करोड़ और यमुना 1,460 करोड़ रुपये खर्च करेगा। सीईओ संजीव सरन ने बताया कि नोएडा ने मास्टर प्लान रोड संख्या-दो और तीन को सिग्नल फ्री करने की योजना भी तैयार कर ली है, जिसे बोर्ड ने हरी झंडी दिखा दी है। नोएडा एक्सटेंशन मामले पर 11 अक्तूबर-2011 से मास्टर प्लान को अनुमति मिलने की तारीख तक शून्य काल घोषित कर दिया गया है। इस दौरान किसी भी आवंटी पर ब्याज या जुर्माना नहीं लगेगा।
बोर्ड की बैठक से बरसीं सौगातें
--नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो चलाने की योजना पर सहमति बनी
--नोएडा सेक्टर 71 से नोएडा एक्टेंशन तक मेट्रो ले जाने को मिली मंजूरी
--तीनों प्राधिकरणों का सालाना बजट 14,350 करोड़ रुपये बोर्ड से मंजूर
--नोएडा का सालाना बजट: 7,021.40 करोड़
--ग्रेटर नोएडा का वार्षिक बजट: 4,797.77 करोड़
--यमुना प्राधिकरण का बजट: 2,531.63