google translate has started giving in roman also

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V S Rawat

unread,
Jun 7, 2013, 5:30:28 AM6/7/13
to technic...@googlegroups.com
"Apanā pāsavarḍa punarnimita kiyā gayā hai priya grāhaka, ... "

जब मैंने एक अंग्रेजी टेक्स्ट को गूगल ट्रांसलेट में डाला तो हिन्दी अनुवाद के नीचे अब यह भी
आने लगा है, पूरे टेक्स्ट का रोमन जैसा रूप।

यह पारंपरिक रोमन भी नहीं है क्योंकि ये एकसेन्ट बताने वाले चिह्नों को रोमन में नहीं दिया
जाता है। अगर पारंपरिक रोमन में देते तो उसका अधिक उपयोग होता।

कोई सेटिंग हो कि इस अतिरिक्त प्रॉसेसिंग को मेरे लिए बंद किया जा सके तो बताइएगा।
क्या फ़ायदा गूगल के व्यस्त सर्वरों पर अतिरिक्त लोड डालने का?

सोचा आपको अवगत कराऊँ।

धन्यवाद
रावत

Diwakar Mani [दिवाकर मणि]

unread,
Jun 10, 2013, 8:44:38 AM6/10/13
to technic...@googlegroups.com
रावत जी,
ये गूगल ट्रांसलेट द्वारा लक्ष्य अनुवाद का "IAST" (International Alphabet of Sanskrit Transliteration) संस्करण है। 

अगर आप इसे नहीं चाहते तो नीचे दाहिने कोने में स्पीकर के आइकन से तीसरे आइकन (A के ऊपर दो बिन्दु वाले) को क्लिक कर बंद कर दें। 

7 जून 2013 3:00 pm को, V S Rawat <vsr...@gmail.com> ने लिखा:




शुभाकांक्षी,
----------


दि वा क र म णि [D I W A K A R M A N I]
-----------

V S Rawat

unread,
Jun 10, 2013, 1:03:32 PM6/10/13
to technic...@googlegroups.com
ओके दिवाकर जी।

शायद मुझसे ही कभी उस आइकन पर क्लिक हुआ होगा जिससे यह अनुवाद आने लगा होगा।

आपके सुझाव से समझ में आया। अब बंद कर दिया है।

वो बदलाव करते रहते हैं, एकदम से ध्यान में नहीं आ पाता है कि पेज पर कुछ बदलाव हुआ है।

धन्यवाद.
रावत

On 6/10/2013 6:14 PM, Diwakar Mani [दिवाकर मणि] wrote:
> रावत जी,
> ये गूगल ट्रांसलेट द्वारा लक्ष्य अनुवाद का "IAST
> <http://en.wikipedia.org/wiki/International_Alphabet_of_Sanskrit_Transliteration>"
> (International Alphabet of Sanskrit Transliteration) संस्करण है।
>
> अगर आप इसे नहीं चाहते तो नीचे दाहिने कोने में स्पीकर के आइकन से तीसरे आइकन (A के ऊपर
> दो बिन्दु वाले) को क्लिक कर बंद कर दें।
>
> 7 जून 2013 3:00 pm को, V S Rawat <vsr...@gmail.com
> <mailto:vsr...@gmail.com>> ने लिखा:

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Jun 10, 2013, 2:26:55 PM6/10/13
to technic...@googlegroups.com
गूगल ट्राँसलेट में काफी पहले से हिन्दी अनुवाद को देवनागरी के साथ IAST में दिखाने का विकल्प है।

10 जून 2013 10:33 pm को, V S Rawat <vsr...@gmail.com> ने लिखा:

ओके दिवाकर जी।

शायद मुझसे ही कभी उस आइकन पर क्लिक हुआ होगा जिससे यह अनुवाद आने लगा होगा।

आपके सुझाव से समझ में आया। अब बंद कर दिया है।

वो बदलाव करते रहते हैं, एकदम से ध्यान में नहीं आ पाता है कि पेज पर कुछ बदलाव हुआ है।

धन्यवाद.
रावत

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Shrish Benjwal Sharma (श्रीश बेंजवाल शर्मा)
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