श्रद्धांजलि - अमृता प्रीतम : अम्बर की एक पाक सुराही, बादल का एक जाम उठा कर

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Pavan Jha

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Oct 31, 2005, 3:13:18 PM10/31/05
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गीत : अम्बर की एक पाक सुराही, बादल का एक जाम उठा कर
फिल्म : कादम्बरी  (1975)
गायिका : आशा भोंसले
गीतकार : अमृता प्रीतम
संगीतकार : उस्ताद विलायत खां


अम्बर की एक पाक सुराही, बादल का एक जाम उठा कर
घूंट चांदनी पी है हमने, बात कुफ़्र की, की है हमने

कैसे इसका कर्ज़ चुकाएं,
मांग के अपनी मौत के हाथों
उम्र की चोली सी है हमने,
बात कुफ़्र की, की है हमने

अम्बर की एक पाक सुराही, बादल का एक जाम उठा कर...

अपना इसमे कुछ भी नहीं है, कुछ भी नहीं है
रोज़-ए-अज़ल से उसकी अमानत,
उसको वही तो दी है हमने,
बात कुफ़्र की, की है हमने

अम्बर की एक पाक सुराही, बादल का एक जाम उठा कर
घूंट चान्दनी पी है हमने, बात कुफ़्र की, की है हमने


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