उ0प्र0 पुलिस - बाल मित्र पुलिस : बाल सहयोगी पुलिस का सद्व्यवहार, करता पीड़ित बच्चों का उध्दार
बालक/बालिका एवं किशोर/किशोरी के प्रति संवेदनशील बनें।
· उनके प्रति क्रूरता, उपेक्षा का व्यवहार, भीख मंगवाना, नशे की प्रवृत्ति डालना या शोषण करना संज्ञेय अपराध है।
· उनकी गिरफ्तारी की सूचना उनके माता-पिता या संरक्षक और परिवीक्षा अधिकारी को दी जायेगी।
· उन्हें किसी भी परिस्थिति में हथकड़ी नहीं पहनाई जायेगी, न ही पुलिस लॉकअप में रखा जायेगा।
· उनकी गरिमा के विपरीत कोई सूचना न तो मीडिया को दी जायेगी और नही प्रकाशित की जायेगी।
यदि किसी बालक/बालिका को देख-रेख या संरक्षण की जरूरत है
तो चाइल्डलाइन के टॉल-फ्री नम्बर 1098 पर सूचना दें।