टेलीविजन पर दिखाई जाने वाली विषय-वस्तुओं का विनियमन
लोकसभा
NEW DELHI 24th NOVEMBER 2009
सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री श्री
सी.एम.जातुया ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि समय-समय पर
इलेक्ट्रानिक मीडिया में हिंसा, अश्लीलता एवं
फूहड़ता के दृश्यों के खिलाफ कई संदर्भशिकायतें प्राप्त हुई हैं। लेकिन बढ रही
प्रवृत्ति को दर्शाने के संबंध में कोई औपचारिक अध्ययन जानकारी में नहीं आया है।
सरकार ने केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत निर्धारित कार्यक्रम एवं विज्ञापन
संहिताओं के विशिष्ट उल्लंघन की जांच करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयीय समिति का गठन
किया है। समिति स्व-प्रेरणा से या शिकायतें प्राप्त होने पर उल्लंघनों की जांच
करती है और तत्पश्चात् सरकार को अपनी सिफारिशें देती हैं जिसके आधार पर नियमानुसार
कार्रवाई की जाती है। सरकार ने मौजूदा संहिताओं के प्रावधानों को अधिक विशिष्ट
बनाने के लिए केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995
और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत निर्धारित कार्यक्रम एवं विज्ञापन संहिताओं
(विषय-वस्तु संहिता) की समीक्षा करने के लिए एक समिति का भी गठन किया है। समिति ने
सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।
जिन चैनलों के खिलाफ शिकायत प्राप्त होने के बाद मंत्रालय ने नोटिस
जारी किया था उनका विवरण अनुलग्नक के
रूप में संलग्न है।
http://pib.nic.in/archieve/others/2009/nov/h200911243239.pdf