सचिव (आईएंडबी) ने फिल्म उद्योग के स्वस्थ और व्यवस्थित विकास के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया
भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री रघु मेनन ने फिल्म उद्योग के पणधारकों (स्टॉक होल्डर्स) को आश्वस्त किया कि भारत सरकार फिल्म उद्योग और मीडिया उद्योग के संपूर्ण, स्वस्थ और व्यवस्थित विकास के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने का पूर्ण प्रयास करेगी । श्री मेनन गोवा में 40वें अन्तरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव के साथ-साथ आज भारतीय उद्योग संघ के सहयोग से पणजी में आयोजित इंडिया-दि बिग पिक्चर सम्मेलन को मुख्यरूप से सम्बोधित कर रहे थे ।
सचिव श्री रघु मेनन ने बताया कि घरेलू फिल्म व्यवसाय और आईपीआर विषय पर सम्मेलन में पूरे दिन चली बातचीत के मुद्दे भविष्य में दीर्घावधि तक अच्छे फल देने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया क्षेत्र 13 प्रतिशत वार्षिक की दर से विकास कर रहा है। 13 प्रतिशत की वार्षिक दर चक्रवृध्दि विकास के लिए काफी है, लेकिन पर्याप्त नहीं है । उन्होंने कहा कि उपयुक्त फलदायी उपायों साधनों और विषय सुधार तक पहुंचने के लिए उद्योग द्वारा झेली जा रही समस्याओं पर सच्ची अन्तरदृष्टि की आवश्यकता है । उन्होंने सूचित किया कि मनोरंजन उद्योग के लिए नकल (पायरेसी) सबसे बड़ा खतरा है और सरकार अपनी ओर से कानून लागू करने के लिए कदम उठा रही है ।
श्री रघु मेनन से सूचित किया कि दिल्ली में 5 दिसम्बर, 2009 को होने वाले निर्धारित सम्मेलन में पायरेसी के मुद्दे पर भी विस्तार से बातचीत होगी। सचिव महोदय ने कहा कि सरकार तो दंडात्मक कार्रवाई करेगी ही लेकिन मनोरंजन उद्योग को भी इसे रोकने के लिए कदम उठाने चाहिएं और लोगों को ऐसे उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए जागरूक करना चाहिए।
भारतीय फिल्म और टेलीविजन निर्माता संघ लिमिटेड के अध्यक्ष श्री मनमोहन शेट्टी ने अपने विशेष सम्बोधन में कहा कि मीडिया उद्यमियों को औसत भारतीय परिवार के लिए सिनेमा देखने हेतु वहन करने योग्य खर्चे पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए मल्टीप्लेक्स टिकटों की लागत और कलाकारों के अनुबंध की राशि पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
गोवा के मुख्यमंत्री श्री दिगम्बर वी. कामत ने अपने उद्धाटन भाषण में अपनी ओर से फिल्म उद्योग को गोवा सरकार के पूर्ण सहयोग के लिए आश्वस्त किया।