कभी मेरे दिल में ठहर के तो देखो
हजारों हैं यादें, गुजर के तो देखो।
बनाया है ये घर तुम्हारे लिए ही,
किसी सहर यहाँ पे नहा के तो देखो।
मचलती हैं बाहें कहें तुमको कैसे
आगोश में मेरे सिहर के तो देखो।
सजाया है कमरा गुलाबों से ऐसे
बनो मेरी दुल्हन बिखर के तो देखो।
मुहब्बत ने तेरे बनाया है 'नीरज'
कभी इन आंखों में सँवर के तो देखो।
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बहुत ही बढिया2009/6/25 ???? ????? <knkay...@gmail.com>
कभी मेरे दिल में ठहर के तो देखो
हजारों हैं यादें, गुजर के तो देखो।
बनाया है ये घर तुम्हारे लिए ही,
किसी सहर यहाँ पे नहा के तो देखो।
मचलती हैं बाहें कहें तुमको कैसे
आगोश में मेरे सिहर के तो देखो।
सजाया है कमरा गुलाबों से ऐसे
बनो मेरी दुल्हन बिखर के तो देखो।
मुहब्बत ने तेरे बनाया है 'नीरज'
कभी इन आंखों में सँवर के तो देखो।
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Posted By नीरज कुमार to अंतर्द्वंद का आइना : HINDI HEART at 6/25/2009 05:00:00 PM
--
राजीव तनेजा
हँसते रहो Hanste Raho
http://www.hansteraho.blogspot.com/
Rajiv's Yahoo Group
http://movies.groups.yahoo.com/group/fun_masterg9/
919213766753, 919810821361
कभी आ कर तो देखो
रस्में पुरानी ही सही, पांव की बेड़ियां ही सही
हो कर दूसरों के, रस्में निभाकर तो देखो
तुम्हारी थी दुनियाँ तुम्हारी ही है दुनियाँ
हमें भी कभी दुनियाँदारी सिखा कर तो देखो
खुली हवा में सांस ले ली, मेड़ों मे अठखेलियां कर ली
अब बंद है आशियाना, इसमें समा कर तो देखो
आदतें वही औ' लीक पर चल रही है जिन्दगी
कभी कदम से कदम मिला कर तो देखो
न चांद हमारा, न चांदनी हमारी
अनजान डगर पे चलना सिखा कर तो देखो
नैना लगा कर हारे, सपने संजोए बैठे हैं
दौड़े आयेंगे हम, बुला कर तो देखो
मथुरा कलौनी
--
selotrb
On 6/27/09, परमजीत सिहँ बाली <paramj...@gmail.com> wrote:
--
selotrb
NICE OF YOU OFFER THAT YOU HAVE ELIVATED YOUR VISION FROM BIHAR TO BHARAT
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