दैवीय संदेश - 18.12.09

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Vijay Anant

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Dec 18, 2009, 4:57:13 AM12/18/09
to hindibhasha संग्रह सदस्य

जो व्यक्ति सत्यवादी और ब्रह्मचारी हो, समाज में उसकी देवतुल्य

प्रतिष्ठा होती है। ऐसा व्यक्ति एक ही शब्द क्यों न मुंह से निकाले,

उसका अपना अलग, विशिष्ट और महान प्रभाव तथा आकर्षण होता है।

यदि आप अपने व्यक्तित्व को उच्च, तेजस्वी, प्रभावशाली और आकर्षक

बनाना चाहते हैं तो सर्वप्रथम चरित्र का निर्माण कीजिए।

(स्वामी शिवानन्द)

 

HE WHO SPEAKS THE TRUTH AND PRACTISES 

BRAHMACHARYA(CELIBACY) BECOMES A GREAT

AND DYNAMIC PERSONALITY. EVEN IF HE SPEAKS

A SINGLE WORD, THERE IS POWER IN IT AND

PEOPLE ARE MAGNETISED. CHARACTER-BUILDING

IS OF PARAMOUNT IMPORTANCE IF A MAN WANTS

TO DEVELOP HIS PERSONALITY.

~~~~~

दीन-दुखियों की सेवा करो। भगवान के सेवकों की सेवा ही भगवान की सच्ची भक्ति है।

सेवक विजय अनन्त, 788, सेक्टर 16, पंचकूला, चंडीगढ़,

+919815900159,  http://vijayanant.blogspot.com

यदि आप सभी संदेश पढ़ना चाहते हैं, यहां देखें-

http://groups.google.com/group/anant-sevashram

 

  

 

 

 

DIVINE MESSAGE - 18.12.09.pdf
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