प्रिय मित्रो,
हिंदी यूनीकोड ने हिंदी टंकण और इंटरनेट के क्षेत्रों में क्रान्ति ला दी
है क्योंकि इसमें फांट के कारण पाठ के डिस्पले की समस्याएं नहीं आती हैं।
हालांकि मैं पिछले लगभग 6 वर्षों से यूनीकोड में टाइप कर रहा हूँ लेकिन
मुझे आज तक / ! ? इत्यादि को हिंदी यूनीकोड में टाइप करने के बारे में
जानकारी नहीं है और जब भी मुझे इनका प्रयोग करने की आवश्यकता होती है, तब
मुझे अंग्रेज़ी का कीबोर्ड चुनना पड़ता है और ऐसे कैरेक्टर टाइप करने के
बाद फिर से हिंदी का कीबोर्ड चुनना पड़ता है जिससे गति बाधित होती है और
समय भी लगता है। क्या ऐसे कैरेक्टरों को सीधे हिन्दी यूनीकोड में टाइप
करने का कोई सरल तरीका है?
दूसरी बात बिन्दी के बाद कोलन डालने के संबंध में है। मैंने अनुभव किया
है कि अगर शब्द के अन्त में बिन्दी न हो, तो हिन्दी यूनीकोड में कोलन
डालने में कठिनाई नहीं होती लेकिन अगर शब्द के अन्त में बिन्दी हो, तो
कीबोर्ड को अंग्रेज़ी में बदलकर ही कोलन डालना पड़ता है। उदाहरण के लिए
-नीचे दिया हैः
में कोई दिक्कत नहीं आती लेकिन जब
-नीचे दिए हैं
टाइप करना हो, तो अंग्रेज़ी का कोलन ही डालना पड़ता है।
क्या आप इस संबंध में कोई समाधान सुझाने का कष्ट करेंगे?
अग्रिम धन्यवाद और शुभकामनाओं सहित,
चोपड़ा
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> प्रिय मित्रो,
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> हिंदी यूनीकोड ने हिंदी टंकण और इंटरनेट के क्षेत्रों में क्रान्ति ला दी
> है क्योंकि इसमें फांट के कारण पाठ के डिस्पले की समस्याएं नहीं आती हैं।
> हालांकि मैं पिछले लगभग 6 वर्षों से यूनीकोड में टाइप कर रहा हूँ लेकिन
> मुझे आज तक / ! ? इत्यादि को हिंदी यूनीकोड में टाइप करने के बारे में
> जानकारी नहीं है और जब भी मुझे इनका प्रयोग करने की आवश्यकता होती है, तब
> मुझे अंग्रेज़ी का कीबोर्ड चुनना पड़ता है और ऐसे कैरेक्टर टाइप करने के
> बाद फिर से हिंदी का कीबोर्ड चुनना पड़ता है जिससे गति बाधित होती है और
> समय भी लगता है। क्या ऐसे कैरेक्टरों को सीधे हिन्दी यूनीकोड में टाइप
> करने का कोई सरल तरीका है?
प्रिय चोपड़ा जी,
पहले केवल अंग्रेज़ी के कीबोर्ड और एस्की कोड हुआ करते थे। यूनीकोड उस संकलन का नाम है जिसमें विश्व की सभी लिपियों के अद्वितीय अक्षरों वर्णों स्वरों को सम्मिलित किया गया हैं। किसी भी भाषा/ लिपि में प्रत्येक अक्षर वर्ण स्वर को तो सम्मिलित किया गया है, परंतु punctuations या अन्य शब्दसमूहों को तभी सम्मिलित किया गया है जब वो उस भाषा में अद्वितीय हैं और किसी अन्य प्रचलित भाषा में उसी रुप में नहà
��ं हैं।
इसलित हिन्दी का पूर्ण विराम या अर्ध विराम । ॥ तो आ गया है, परंतु अन्य punctuations जो अंग्रेज़ी कीबोर्ड में पहले से ही विद्यमान हैं, उनको फिर से नहीं लिया गया है. इसलिए आप comma , प्रश्नचिन्ह ? आदि अनेक सिंबलों को यूनीकोड में बारबार नहीं पाएँगे। इनके लिए आपको अंग्रेज़ी के कीबोर्ड को प्रयोग ही करना पड़ेगा।
इसलिए हिन्दी यूनीकोड में आप सभी punctuations को पाएँगे ही नहीं, इसलिए इनका कोई और तरीका है ही नहीं, सिवाय की बोर्ड स्विच करने के जैसा आप कर रहे हैं।
समस्या ये है, कि अंग्रेजी भाषा में केवल 26 अक्षर हैं, जबकि हिन्दी में उससे दुगने और फिर उनकी मात्राएँ, इसलिए अंग्रेजी के कीबोर्ड पर हिन्दी के सभी अक्षरों और मात्राओं को दर्शाना असंभव सा है। सुझाव है कि alt, ctrl, shift और इनके संयोगों alt-shift, ctrl-shift, alt-ctrl आदि में इन अक्षरों को ऐसे डाला जाए जिससे अंग्रेज़ी के प्रचलित punctuations आप कम प्रयास से टंकित कर सकें, जबकि हिन्दी के विरल प्रयोग वाले अक्षर जैसे कि ऋ आप
थोड़े अधिक प्रयास से टंकित करें।
मैंने सुशा पर आधारित एक कीबोर्ड बनाया है जिसमें मैंने प्रचलित punctuations को मुख्य कीबोर्ड में रखा है, और हिन्दी के कम प्रचलित अक्षरों को right-shift में डाल दिया है। मैं इसी से फटाफट टाइप करता हूँ। फिर भी सभी punctuations को तो डाला नहीं जा सकता है, इसलिए स्विच तो करना ही पड़ता है। यदि आप इसको प्रयोग करना चाहें तो लिखें, यह मैंने नेट पर मुफ़्त उप्रयोग के लिए साझा कर रखा है।
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> दूसरी बात बिन्दी के बाद कोलन डालने के संबंध में है। मैंने अनुभव किया
> है कि अगर शब्द के अन्त में बिन्दी न हो, तो हिन्दी यूनीकोड में कोलन
> डालने में कठिनाई नहीं होती लेकिन अगर शब्द के अन्त में बिन्दी हो, तो
> कीबोर्ड को अंग्रेज़ी में बदलकर ही कोलन डालना पड़ता है। उदाहरण के लिए
> -नीचे दिया हैः
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> में कोई दिक्कत नहीं आती लेकिन जब
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> -नीचे दिए हैं
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> टाइप करना हो, तो अंग्रेज़ी का कोलन ही डालना पड़ता है।
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> क्या आप इस संबंध में कोई समाधान सुझाने का कष्ट करेंगे?
आप हिन्दी की विसर्ग मात्रा : को अंग्रेजी का कोलन कह रहे हैं। वो एक जैसे ही दिखते हैं, लेकिन हैं वो पूरी तरह से अलग। इसलिए इनको अलग अलग प्रयोग ही करें। हिन्दी की विसर्ग मात्रा : इससे पिछले अक्षर में "मर्ज" हो जाती है, एकीकार हो जाती है, जबकि अंग्रेजी का कोलन एक punctuations की तरह अलग रहता है। इन दोनों को अदला-बदली में प्रयोग नहीं कर सकते हैं।
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> अग्रिम धन्यवाद और शुभकामनाओं सहित,
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> चोपड़ा
आपने इतना बड़ा, इतना अच्छा लिखा हिन्दी में यह देखकर अच्छा लगा।
धन्यवाद
रावत