नमस्कार,
आखिरखार, इंटरनेट पर सर्वभाषा उपयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षिक निर्णय लिया जा चुका है...अभी तक यदि आपकी वैबसाइट भले ही हिन्दी या अन्य किसी भाषा में हो, उसका नाम / वैबसाइट डोमेन / वैबसाइट पता/एड्रेस हमें रोमन में ही रजिस्टर कराना पड़ता था...परन्तु अब इस मजबूरी से भी छुटकारा मिल गया है...अब यदि आपकी वैबसाइट हिन्दी में या अन्य किसी भी भाषा में हो, आप अपना वैबसाइट नाम / वैबसाइट पता भी हिन्दी/देवनागरी या अपनी किसी भी लिपि में उसका रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं...ईमेल पतों का सर्वभाषीकरण तो पहले ही हो गया था..अब वैबसाइट नाम / डोमेन नाम आदि का भी सर्वभाषीकरण हो गया है....डोमेन नाम .in का स्थान अब .भारत लेने वाला है..अब हम अपनी संस्थाओं / कार्यालयों / बैंकों का वैबसाइट पता देवनागरी में निर्धारित कर सकते हैं, जैसे - सिडबी.भारत, एसबीआई.भारत आदि ...ज्ञात हो कि इंटरनेट पर अंग्रेजी/रोमन/लैटिन के प्रभुत्व को समाप्त करने के लिए काफी लंबी बहसें, लंबे संघर्ष ही नहीं, गहन तकनीकी व्यवस्थाएं भी करनी पड़ी हैं...यह मांग / पस्ताव औपचारिक रूप से लगभग वर्ष 2008 से लम्बित था... अनौपचारिक रूप से तो काफी पहले से मांग थी...अब सही अर्थों में इंटरनेट का लोकतंत्रीयकरण, स्थानीयकरण एवं मानवीयकरण संभव हो सकेगा...इस बारे में कुछ विस्तृत खबरें भी इस संदेश के साथ अवलोकनार्थ संलग्न हैं..सादर.- लोचन मखीजा, प्रबन्धक (हिन्दी)सिडबी, गुवाहाटी ( मोबाइल नं. 09957181130)सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:(मैं अभी 07.11.2009 तक ग्वालियर, म.प्र. में हूँ)