बिग बॉस तृतीय शुरू हो गया...उसके देखने के बाद कुछ नया करने का विचार दिमाग में कौंधा कि क्यों ना इसी तर्ज़ पे एक नई धुन बनाई जाए?...याने के एक नया प्रोग्राम बनाया जाए जो सिर्फ नैट पर ही उपलब्ध हो और वो सिर्फ हिन्दी ब्लॉगजगत पर ही केन्द्रित हो...इसमें भाग लेने वाले हिन्दी के कुछ ब्लॉगरों को कुछ नियम व शर्तों के साथ बाँध कर एक सप्ताह के किसी साईबर कैफे में बन्द कर दिया जाए।![]()
जहाँ उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से एक पोस्ट लिखने की अनुमति हो और वो भी सीमित शब्दों की...उन्हीं पोस्टों के गुण-दोष के आधार पर ये फैसला हो कि उनमें से कौन पटखनी मार विजयी होता है और कौन पराजित हो धाराशायी?
नोट:इस कार्यक्रम का मकसद किसी पर कोई आक्षेप लगाना नहीं बल्कि स्वस्थ मनोरंजन होगा।...तो फिर क्या कहते हैँ आप?...
आप सभी की राय एवं सुझाव आमंत्रित हैँ
अपनी-अपनी कल्पनाओं के पंख फैला कर दूर...नीले गगन में असीमित संभावनाओं की तलाश कीजिए कि इस पर्तियोगिता में कौन-कौन ब्लॉगर भाग लेगा?...वो किस तरह की पोस्ट लिखेगा?...उन्हें कौन-कौन पढेगा?...कौन-कौन टिप्पणी करेगा?...वगैरा...वगैरा।यकीन मानिए एक से एक चौंकाने वाले ...हँसाने वाले...गुदगुदाने वाले...यहाँ तक कि रुलाने वाले आईडिया हर पल आपके ज़हन में गुटरगूं कर किलोल करते नज़र आएँगे।
तो फिर देर किस बात की?...अपनी कल्पना शक्ति के घोड़ों को बिना लगाम दौड़ाईए और जीत ले जाईए एक से एक शानदार ईनाम।
जी हाँ!..एक से एक शानदार ईनाम जिनके बारे में सुनकर आप कतई अपने लोभ का संवरण नहीं कर पाएँगे...
पहला ईनाम:तीन साल तक किसी भी ब्लॉग पे बेनामी बन टिप्पणी करने का अधिकार
दूसरा ईनाम:हिन्दी ब्लॉगिंग से सम्बन्धित गढे मुर्दे उखाड़ने का एकाधिकार
तीसरा बम्पर ईनाम:मेरी लम्बी-लम्बी कहानियों को बिना पढे..उन पर कमैंट करने का लाईफ टाईम अधिकार(इस अधिकार को आप अपनी वसीयत के जरिए अपने वारिसों को भी लाभांवित कर सकते हैँ)
सांत्वना पुरस्कार: सांत्वना पुरस्कार के रूप में सभी टिप्पणीकर्ताओं के नामों और उनके ब्लॉगज़ के लिंक को मेरे सभी ब्लॉगज़ पर हमेशा के लिए सहेज कर रखा जाएगा
नोट: धार्मिक मुद्दों को लेकर लिखी गई पोस्टें प्रतिबन्धित मानी जाएँगी और उन पर किसी भी सूर ए हाल में विचार नहीं किया जाएगा
हैप्पी ब्लॉगिंग ... आपके दिन और हमारी रातें मँगलमय हों ...जय हिन्द