मित्रों, जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में अंग्रेज़ी लिखने के? अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने मे समय अधिक लगता है, लेकिन रोमन में लिखी हिंदी पढना और भी अधिक खिन्न करता है. विनम्र विचार में होना ये चाहिए कि अंग्रेजी लिखो रोमन में और हिन्दी देवनागरी में.
> मित्रों, > जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको > देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में > अंग्रेज़ी लिखने के? > अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
देवनागरी लिपि में लिखना निश्चित तौर पर अधिक समय खाता है. परंतु सही उच्चारण के लिए यह लिपि श्रेष्ठ है.
रोपन लिपि मे लिखना सरल लेकिन पढना कठीन होता है विशेष रूप से यदि हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं को रोमन में लिखा जाए तो.
जो भाषा जिस लिपि में लिखी जा रही है और व्यवहारिक है उसी में लिखी जानी चाहिए, ऐसा मेरा मानना है.
तो मैं हिन्दी को देवनागरी में ही लिखुंगा चाहे समय अधिक लगे. वैसे अब ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने अभ्यास हो गया है. मुझे कोई परेशानी नही है. _________________________________________
> ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने मे समय अधिक लगता है, लेकिन रोमन में लिखी > हिंदी पढना और भी अधिक खिन्न करता है. > विनम्र विचार में होना ये चाहिए कि अंग्रेजी लिखो रोमन में और हिन्दी देवनागरी > में.
>> मित्रों, >> जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको >> देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में >> अंग्रेज़ी लिखने के? >> अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
हिन्दी इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखने में मात्र एक सप्ताह का समय लगता है यदि प्रतिदिन पंद्रह पंद्रह मिनट के चार अभ्यास किये जाएँ। गति रोमन से अंग्रेजी टाइपिंग जितनी आती है। की बोर्ड एक्सपी या उस से ऊपर के सभी संस्करणों में उपलब्ध है। यहाँ तक कि टाइपिंग ट्यूटर उपलब्ध है। खेल खेल में आदमी सीख जाता है। आप सब लोग इस की कोशिश क्यों नहीं करते। क्यों रोमन और ट्रांसलिटरेशन के सहारे रहते हैं? हिंदी का काम करना है तो यह करना ही चाहिए आप आसानी से कम समय में अधिक काम कर सकेंगे और शुद्धता भी बनी रहेगी।
> देवनागरी लिपि में लिखना निश्चित तौर पर अधिक समय खाता है. परंतु सही उच्चारण > के लिए यह लिपि श्रेष्ठ है.
> रोपन लिपि मे लिखना सरल लेकिन पढना कठीन होता है विशेष रूप से यदि हिन्दी सहित > अन्य भारतीय भाषाओं को रोमन में लिखा जाए तो.
> जो भाषा जिस लिपि में लिखी जा रही है और व्यवहारिक है उसी में लिखी जानी > चाहिए, ऐसा मेरा मानना है.
> तो मैं हिन्दी को देवनागरी में ही लिखुंगा चाहे समय अधिक लगे. वैसे अब > ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने अभ्यास हो गया है. मुझे कोई परेशानी नही है. > _________________________________________
>> ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने मे समय अधिक लगता है, लेकिन रोमन में लिखी >> हिंदी पढना और भी अधिक खिन्न करता है. >> विनम्र विचार में होना ये चाहिए कि अंग्रेजी लिखो रोमन में और हिन्दी >> देवनागरी में.
>>> मित्रों, >>> जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको >>> देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में >>> अंग्रेज़ी लिखने के? >>> अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
> मित्रों, > जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको > देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में > अंग्रेज़ी लिखने के? > अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
दिनेशराय द्विवेदी wrote: > हिन्दी इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखने में मात्र एक सप्ताह का समय लगता है यदि प्रतिदिन > पंद्रह पंद्रह मिनट के चार अभ्यास किये जाएँ। गति रोमन से अंग्रेजी टाइपिंग जितनी आती > है। की बोर्ड एक्सपी या उस से ऊपर के सभी संस्करणों में उपलब्ध है। यहाँ तक कि टाइपिंग > ट्यूटर उपलब्ध है। खेल खेल में आदमी सीख जाता है। आप सब लोग इस की कोशिश क्यों नहीं > करते। क्यों रोमन और ट्रांसलिटरेशन के सहारे रहते हैं? हिंदी का काम करना है तो यह > करना ही चाहिए आप आसानी से कम समय में अधिक काम कर सकेंगे और शुद्धता भी बनी रहेगी।
> देवनागरी लिपि में लिखना निश्चित तौर पर अधिक समय खाता है. परंतु सही उच्चारण > के लिए यह लिपि श्रेष्ठ है.
> रोपन लिपि मे लिखना सरल लेकिन पढना कठीन होता है विशेष रूप से यदि हिन्दी > सहित अन्य भारतीय भाषाओं को रोमन में लिखा जाए तो.
> जो भाषा जिस लिपि में लिखी जा रही है और व्यवहारिक है उसी में लिखी जानी > चाहिए, ऐसा मेरा मानना है.
> तो मैं हिन्दी को देवनागरी में ही लिखुंगा चाहे समय अधिक लगे. वैसे अब ट्रांसलिटरेटेड > देवनागरी लिखने अभ्यास हो गया है. मुझे कोई परेशानी नही है. > _________________________________________
> ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने मे समय अधिक लगता है, लेकिन रोमन में लिखी > हिंदी पढना और भी अधिक खिन्न करता है. > विनम्र विचार में होना ये चाहिए कि अंग्रेजी लिखो रोमन में और हिन्दी > देवनागरी में.
> मित्रों, > जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको > देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में > अंग्रेज़ी लिखने के? > अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
> देवनागिरी में हिन्दी लिखना ज्यादा सरल लगता है। हाँलांकि इसमें समय थोड़ा ज्यादा लगता > है। विशेषत: गलती होने पर उसे सुधारने में।
> दिनेश जी : क़ृपया टाइपिंग़ ट्यूटर कहाँ से उपलब्ध होगा उसके बारे में बतायें। मैं इंस्क्रिप्ट > सीखना चाहता हूँ।
> काकेश
> दिनेशराय द्विवेदी wrote: > > हिन्दी इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखने में मात्र एक सप्ताह का समय लगता है यदि प्रतिदिन > > पंद्रह पंद्रह मिनट के चार अभ्यास किये जाएँ। गति रोमन से अंग्रेजी टाइपिंग जितनी आती > > है। की बोर्ड एक्सपी या उस से ऊपर के सभी संस्करणों में उपलब्ध है। यहाँ तक कि टाइपिंग > > ट्यूटर उपलब्ध है। खेल खेल में आदमी सीख जाता है। आप सब लोग इस की कोशिश क्यों नहीं > > करते। क्यों रोमन और ट्रांसलिटरेशन के सहारे रहते हैं? हिंदी का काम करना है तो यह > > करना ही चाहिए आप आसानी से कम समय में अधिक काम कर सकेंगे और शुद्धता भी बनी रहेगी।
> > देवनागरी लिपि में लिखना निश्चित तौर पर अधिक समय खाता है. परंतु सही उच्चारण > > के लिए यह लिपि श्रेष्ठ है.
> > रोपन लिपि मे लिखना सरल लेकिन पढना कठीन होता है विशेष रूप से यदि हिन्दी > > सहित अन्य भारतीय भाषाओं को रोमन में लिखा जाए तो.
> > जो भाषा जिस लिपि में लिखी जा रही है और व्यवहारिक है उसी में लिखी जानी > > चाहिए, ऐसा मेरा मानना है.
> > तो मैं हिन्दी को देवनागरी में ही लिखुंगा चाहे समय अधिक लगे. वैसे अब ट्रांसलिटरेटेड > > देवनागरी लिखने अभ्यास हो गया है. मुझे कोई परेशानी नही है. > > _________________________________________
> > ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने मे समय अधिक लगता है, लेकिन रोमन में लिखी > > हिंदी पढना और भी अधिक खिन्न करता है. > > विनम्र विचार में होना ये चाहिए कि अंग्रेजी लिखो रोमन में और हिन्दी > > देवनागरी में.
> > मित्रों, > > जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको > > देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में > > अंग्रेज़ी लिखने के? > > अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
> देवनागरी में हिंदी लिखना ज़्यादा सरल है या रोमन में अंग्रेज़ी लिखना?
> अर्थात् अगर आपको फ़टाफ़ट लिखना हो और यदि आप हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों > जानते हैं और आपका पाठक भी, तो क्या लिखना ज़्यादा सरल और त्वरित होगा -
> Hello! Is it me you're looking for?
> या
> नमस्ते! क्या आप मुझे तलाश रहे हैं?
> आलोक
> On 21 अक्तू, 10:59, Kakesh Kumar <kakeshku...@gmail.com> wrote: > > देवनागिरी में हिन्दी लिखना ज्यादा सरल लगता है। हाँलांकि इसमें समय थोड़ा > ज्यादा लगता > > है। विशेषत: गलती होने पर उसे सुधारने में।
> > दिनेश जी : क़ृपया टाइपिंग़ ट्यूटर कहाँ से उपलब्ध होगा उसके बारे में बतायें। > मैं इंस्क्रिप्ट > > सीखना चाहता हूँ।
> > काकेश
> > दिनेशराय द्विवेदी wrote: > > > हिन्दी इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखने में मात्र एक सप्ताह का समय लगता है यदि > प्रतिदिन > > > पंद्रह पंद्रह मिनट के चार अभ्यास किये जाएँ। गति रोमन से अंग्रेजी > टाइपिंग जितनी आती > > > है। की बोर्ड एक्सपी या उस से ऊपर के सभी संस्करणों में उपलब्ध है। यहाँ > तक कि टाइपिंग > > > ट्यूटर उपलब्ध है। खेल खेल में आदमी सीख जाता है। आप सब लोग इस की कोशिश > क्यों नहीं > > > करते। क्यों रोमन और ट्रांसलिटरेशन के सहारे रहते हैं? हिंदी का काम करना > है तो यह > > > करना ही चाहिए आप आसानी से कम समय में अधिक काम कर सकेंगे और शुद्धता भी > बनी रहेगी।
> > > देवनागरी लिपि में लिखना निश्चित तौर पर अधिक समय खाता है. परंतु सही > उच्चारण > > > के लिए यह लिपि श्रेष्ठ है.
> > > रोपन लिपि मे लिखना सरल लेकिन पढना कठीन होता है विशेष रूप से यदि > हिन्दी > > > सहित अन्य भारतीय भाषाओं को रोमन में लिखा जाए तो.
> > > जो भाषा जिस लिपि में लिखी जा रही है और व्यवहारिक है उसी में लिखी > जानी > > > चाहिए, ऐसा मेरा मानना है.
> > > तो मैं हिन्दी को देवनागरी में ही लिखुंगा चाहे समय अधिक लगे. वैसे अब > ट्रांसलिटरेटेड > > > देवनागरी लिखने अभ्यास हो गया है. मुझे कोई परेशानी नही है. > > > _________________________________________
> > > ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने मे समय अधिक लगता है, लेकिन रोमन > में लिखी > > > हिंदी पढना और भी अधिक खिन्न करता है. > > > विनम्र विचार में होना ये चाहिए कि अंग्रेजी लिखो रोमन में और > हिन्दी > > > देवनागरी में.
> > > मित्रों, > > > जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या > आपको > > > देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन > में > > > अंग्रेज़ी लिखने के? > > > अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
आलोक | Alok wrote: > शायद मैं अपना सवाल ठीक से नहीं प्रकट कर पाया।
> सवाल यह था -
> देवनागरी में हिंदी लिखना ज़्यादा सरल है या रोमन में अंग्रेज़ी लिखना?
> अर्थात् अगर आपको फ़टाफ़ट लिखना हो और यदि आप हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों > जानते हैं और आपका पाठक भी, तो क्या लिखना ज़्यादा सरल और त्वरित होगा -
> Hello! Is it me you're looking for?
> या
> नमस्ते! क्या आप मुझे तलाश रहे हैं?
> आलोक
> On 21 अक्तू, 10:59, Kakesh Kumar <kakeshku...@gmail.com> wrote:
>> देवनागिरी में हिन्दी लिखना ज्यादा सरल लगता है। हाँलांकि इसमें समय थोड़ा ज्यादा लगता >> है। विशेषत: गलती होने पर उसे सुधारने में।
>> दिनेश जी : क़ृपया टाइपिंग़ ट्यूटर कहाँ से उपलब्ध होगा उसके बारे में बतायें। मैं इंस्क्रिप्ट >> सीखना चाहता हूँ।
>> काकेश
>> दिनेशराय द्विवेदी wrote:
>>> हिन्दी इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखने में मात्र एक सप्ताह का समय लगता है यदि प्रतिदिन >>> पंद्रह पंद्रह मिनट के चार अभ्यास किये जाएँ। गति रोमन से अंग्रेजी टाइपिंग जितनी आती >>> है। की बोर्ड एक्सपी या उस से ऊपर के सभी संस्करणों में उपलब्ध है। यहाँ तक कि टाइपिंग >>> ट्यूटर उपलब्ध है। खेल खेल में आदमी सीख जाता है। आप सब लोग इस की कोशिश क्यों नहीं >>> करते। क्यों रोमन और ट्रांसलिटरेशन के सहारे रहते हैं? हिंदी का काम करना है तो यह >>> करना ही चाहिए आप आसानी से कम समय में अधिक काम कर सकेंगे और शुद्धता भी बनी रहेगी।
>>> देवनागरी लिपि में लिखना निश्चित तौर पर अधिक समय खाता है. परंतु सही उच्चारण >>> के लिए यह लिपि श्रेष्ठ है.
>>> रोपन लिपि मे लिखना सरल लेकिन पढना कठीन होता है विशेष रूप से यदि हिन्दी >>> सहित अन्य भारतीय भाषाओं को रोमन में लिखा जाए तो.
>>> जो भाषा जिस लिपि में लिखी जा रही है और व्यवहारिक है उसी में लिखी जानी >>> चाहिए, ऐसा मेरा मानना है.
>>> तो मैं हिन्दी को देवनागरी में ही लिखुंगा चाहे समय अधिक लगे. वैसे अब ट्रांसलिटरेटेड >>> देवनागरी लिखने अभ्यास हो गया है. मुझे कोई परेशानी नही है. >>> _________________________________________
>>> ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने मे समय अधिक लगता है, लेकिन रोमन में लिखी >>> हिंदी पढना और भी अधिक खिन्न करता है. >>> विनम्र विचार में होना ये चाहिए कि अंग्रेजी लिखो रोमन में और हिन्दी >>> देवनागरी में.
>>> मित्रों, >>> जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको >>> देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में >>> अंग्रेज़ी लिखने के? >>> अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
> मित्रों, > जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको > देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में > अंग्रेज़ी लिखने के? > अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
ये तो आपकी प्रैक्टिस पर निर्भर है. हिन्दी में मैं तीव्र गति से टचटाइपिंग कर लेता हूं (इनस्क्रिप्ट), (क्योंकि हिन्दी कुंजियाँ दिखती नहीं, तो मजबूरी में याद हो गईं...) परंतु अग्रेज़ी में हालत खस्ता है.
> On 10/21/2009 9:54 AM, आलोक | Alok wrote: > > मित्रों, > > जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको > > देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में > > अंग्रेज़ी लिखने के? > > अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
> ये तो आपकी प्रैक्टिस पर निर्भर है. हिन्दी में मैं तीव्र गति से टचटाइपिंग कर > लेता हूं > (इनस्क्रिप्ट), (क्योंकि हिन्दी कुंजियाँ दिखती नहीं, तो मजबूरी में याद हो > गईं...) परंतु > अग्रेज़ी में हालत खस्ता है.
> ये तो आपकी प्रैक्टिस पर निर्भर है. हिन्दी में मैं तीव्र गति से टचटाइपिंग कर लेता हूं > (इनस्क्रिप्ट), (क्योंकि हिन्दी कुंजियाँ दिखती नहीं, तो मजबूरी में याद हो गईं...) परंतु > अग्रेज़ी में हालत खस्ता है.
मैं हिन्दी में सोचता हूँ, अतः विचार आने पर हिन्दी में ज्यादा तेज गति से लिख सकता हूँ. धारणा तो यही है कि रोमन में तेजी से लिख सकते है. बहुत से लोग फोन पर पता नोट करते समय फटाफट रोमन में लिखते है.
On Oct 21, 11:20 am, Vipul Jain <drvipulj...@gmail.com> wrote:
> > ये तो आपकी प्रैक्टिस पर निर्भर है. हिन्दी में मैं तीव्र गति से टचटाइपिंग कर लेता हूं > > (इनस्क्रिप्ट), (क्योंकि हिन्दी कुंजियाँ दिखती नहीं, तो मजबूरी में याद हो गईं...) परंतु > > अग्रेज़ी में हालत खस्ता है.
> On 10/21/2009 9:54 AM, आलोक | Alok wrote: > > मित्रों, > > जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या आपको > > देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन में > > अंग्रेज़ी लिखने के? > > अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
> ये तो आपकी प्रैक्टिस पर निर्भर है. हिन्दी में मैं तीव्र गति से टचटाइपिंग कर > लेता हूं > (इनस्क्रिप्ट), (क्योंकि हिन्दी कुंजियाँ दिखती नहीं, तो मजबूरी में याद हो > गईं...) परंतु > अग्रेज़ी में हालत खस्ता है.
काकेश जी, आपकी हिन्दी टाइपिंग स्पीड काफी अच्छी है । मैंने भी जाँच कर देखा । परिणाम इस प्रकार है - Hello! Is it me you're looking for? -- 14 सेकेंड
नमस्ते! क्या आप मुझे तलाश रहे हैं? -- 19 सेकेंड हिन्दी में कुछ अधिक समय इसलिए लग गया कि मैंने "!" को नुक्ता के लिए रखा हुआ है । अतः "!" टाइप करने के लिए भाषा मोड परिवर्तित करना पड़ा ।
---नारायण प्रसाद
२१ अक्तूबर २००९ ११:४० AM को, Kakesh Kumar <kakeshku...@gmail.com> ने लिखा:
Hello! is it me you're looking for? (13 सैकण्ड) नमस्ते! क्या आप मुझे तलाश रहे हैं? (8 सैकण्ड) (फोनेटिक) देवनागरी में टाईप करने में बहुत कम समय लगा, बजाय रोमन में अंग्रेजी के।
यह तो अभ्यास का मामला है। मैं यूनिकोड (हिन्दी) में जल्दी टाइप कर सकता हूँ।
लेकिन 4 वर्ष पहले अंग्रेज़ी में ज्यादा तेज़ टाइप करता था। अब दिन भर में यदि 1000 हज़ार वाक्य लिखता होऊँगा तो यह भी संभव है कि अंग्रेज़ी का एक भी वाक्य न हो।
> Hello! is it me you're looking for? (13 सैकण्ड) > नमस्ते! क्या आप मुझे तलाश रहे हैं? (8 सैकण्ड) (फोनेटिक) > देवनागरी में टाईप करने में बहुत कम समय लगा, बजाय रोमन में अंग्रेजी के।
हिन्दी में लिखना ज्यादा आसान होगा। क्योंकि अंग्रेजी के मामले में पहले तो कुछ सैकण्ड (या माइक्रोसैकण्ड) ही सही दिमाग को अनुवाद करने में लगेंगे, भले ही आप अंग्रेजी के विद्वान हों लेकिन मातृभाषा तो हिन्दी ही है, हिन्दी में सोचने वाला समय नहीं लगेगा। आप समय टाइप करना शुरु करने से नहीं बल्कि सोचना शुरु करने से गिनना शुरु कीजिए।
हाँ अगर आपको सोचकर नहीं बल्कि किसी दूसरे कागज आदि से देखकर लिखना है तो शायद अंग्रेजी कुछ जल्दी होगा।
दूसरी बात कि बन्दा नया है या पुराना। नए बन्दे को हिन्दी टाइप करने में फिर भी ज्यादा समय लगेगा, पुराने को कोई विशेष नहीं।
अगली बात आपके पसंदीदा टाइपिंग टूल की उपलब्धता। अगर आपका पसंदीदा टूल (मेरे मामले मे विण्डोज का डिफॉल्ट हिन्दी कीबोर्ड) है तो तत्काल हिन्दी में शुरु हो जाएंगे।
और अन्तिम बात टाइपिंग विधि की। अगर आपको इनस्क्रिप्ट का अच्छा अभ्यास है तो बहुत ही कम समय लगेगा। मुझे अंग्रेजी और हिन्दी दोनों का ही टच टाइपिंग का अभ्यास है। अंग्रेजी क्वर्टी का ८-९ साल से जबकि हिन्दी इनस्क्रिप्ट का केवल लगभग २ साल से। तब भी मेरी दोनों की गति लगभग समान है।
निष्कर्ष - यदि मुझे कुछ सोच कर लिखना हो तो हिन्दी में जल्दी होगा।
P.S. हिन्दी इनस्क्रिप्ट के लिए 'आसान हिन्दी टाइपिंग ट्यूटर' नाम से उपलब्ध है। गूगल बाबा से पता पूछ लें। बाकी इधर देखें - http://en.wikipedia.org/wiki/InScript_Typing २१-१०-०९ को, आलोक | Alok <alok.ku...@gmail.com> ने लिखा:
> देवनागरी में हिंदी लिखना ज़्यादा सरल है या रोमन में अंग्रेज़ी लिखना?
> अर्थात् अगर आपको फ़टाफ़ट लिखना हो और यदि आप हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों > जानते हैं और आपका पाठक भी, तो क्या लिखना ज़्यादा सरल और त्वरित होगा -
> Hello! Is it me you're looking for?
> या
> नमस्ते! क्या आप मुझे तलाश रहे हैं?
> आलोक
> On 21 अक्तू, 10:59, Kakesh Kumar <kakeshku...@gmail.com> wrote: >> देवनागिरी में हिन्दी लिखना ज्यादा सरल लगता है। हाँलांकि इसमें समय थोड़ा >> ज्यादा लगता >> है। विशेषत: गलती होने पर उसे सुधारने में।
>> दिनेश जी : क़ृपया टाइपिंग़ ट्यूटर कहाँ से उपलब्ध होगा उसके बारे में बतायें। >> मैं इंस्क्रिप्ट >> सीखना चाहता हूँ।
>> काकेश
>> दिनेशराय द्विवेदी wrote: >> > हिन्दी इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखने में मात्र एक सप्ताह का समय लगता है यदि >> > प्रतिदिन >> > पंद्रह पंद्रह मिनट के चार अभ्यास किये जाएँ। गति रोमन से अंग्रेजी टाइपिंग >> > जितनी आती >> > है। की बोर्ड एक्सपी या उस से ऊपर के सभी संस्करणों में उपलब्ध है। यहाँ तक >> > कि टाइपिंग >> > ट्यूटर उपलब्ध है। खेल खेल में आदमी सीख जाता है। आप सब लोग इस की कोशिश >> > क्यों नहीं >> > करते। क्यों रोमन और ट्रांसलिटरेशन के सहारे रहते हैं? हिंदी का काम करना >> > है तो यह >> > करना ही चाहिए आप आसानी से कम समय में अधिक काम कर सकेंगे और शुद्धता भी >> > बनी रहेगी।
>> > देवनागरी लिपि में लिखना निश्चित तौर पर अधिक समय खाता है. परंतु सही >> > उच्चारण >> > के लिए यह लिपि श्रेष्ठ है.
>> > रोपन लिपि मे लिखना सरल लेकिन पढना कठीन होता है विशेष रूप से यदि >> > हिन्दी >> > सहित अन्य भारतीय भाषाओं को रोमन में लिखा जाए तो.
>> > जो भाषा जिस लिपि में लिखी जा रही है और व्यवहारिक है उसी में लिखी >> > जानी >> > चाहिए, ऐसा मेरा मानना है.
>> > तो मैं हिन्दी को देवनागरी में ही लिखुंगा चाहे समय अधिक लगे. वैसे अब >> > ट्रांसलिटरेटेड >> > देवनागरी लिखने अभ्यास हो गया है. मुझे कोई परेशानी नही है. >> > _________________________________________
>> > ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने मे समय अधिक लगता है, लेकिन रोमन >> > में लिखी >> > हिंदी पढना और भी अधिक खिन्न करता है. >> > विनम्र विचार में होना ये चाहिए कि अंग्रेजी लिखो रोमन में और >> > हिन्दी >> > देवनागरी में.
>> > मित्रों, >> > जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या >> > आपको >> > देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन >> > में >> > अंग्रेज़ी लिखने के? >> > अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
> हिन्दी में लिखना ज्यादा आसान होगा। क्योंकि अंग्रेजी के मामले में पहले > तो कुछ सैकण्ड (या माइक्रोसैकण्ड) ही सही दिमाग को अनुवाद करने में > लगेंगे, भले ही आप अंग्रेजी के विद्वान हों लेकिन मातृभाषा तो हिन्दी ही > है, हिन्दी में सोचने वाला समय नहीं लगेगा। आप समय टाइप करना शुरु करने > से नहीं बल्कि सोचना शुरु करने से गिनना शुरु कीजिए।
> हाँ अगर आपको सोचकर नहीं बल्कि किसी दूसरे कागज आदि से देखकर लिखना है तो > शायद अंग्रेजी कुछ जल्दी होगा।
> दूसरी बात कि बन्दा नया है या पुराना। नए बन्दे को हिन्दी टाइप करने में > फिर भी ज्यादा समय लगेगा, पुराने को कोई विशेष नहीं।
> अगली बात आपके पसंदीदा टाइपिंग टूल की उपलब्धता। अगर आपका पसंदीदा टूल > (मेरे मामले मे विण्डोज का डिफॉल्ट हिन्दी कीबोर्ड) है तो तत्काल हिन्दी > में शुरु हो जाएंगे।
> और अन्तिम बात टाइपिंग विधि की। अगर आपको इनस्क्रिप्ट का अच्छा अभ्यास है > तो बहुत ही कम समय लगेगा। मुझे अंग्रेजी और हिन्दी दोनों का ही टच > टाइपिंग का अभ्यास है। अंग्रेजी क्वर्टी का ८-९ साल से जबकि हिन्दी > इनस्क्रिप्ट का केवल लगभग २ साल से। तब भी मेरी दोनों की गति लगभग समान > है।
> निष्कर्ष - यदि मुझे कुछ सोच कर लिखना हो तो हिन्दी में जल्दी होगा।
> P.S. हिन्दी इनस्क्रिप्ट के लिए 'आसान हिन्दी टाइपिंग ट्यूटर' नाम से > उपलब्ध है। गूगल बाबा से पता पूछ लें। बाकी इधर देखें - > http://en.wikipedia.org/wiki/InScript_Typing > २१-१०-०९ को, आलोक | Alok <alok.ku...@gmail.com> ने लिखा: >> शायद मैं अपना सवाल ठीक से नहीं प्रकट कर पाया।
>> सवाल यह था -
>> देवनागरी में हिंदी लिखना ज़्यादा सरल है या रोमन में अंग्रेज़ी लिखना?
>> अर्थात् अगर आपको फ़टाफ़ट लिखना हो और यदि आप हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों >> जानते हैं और आपका पाठक भी, तो क्या लिखना ज़्यादा सरल और त्वरित होगा -
>> Hello! Is it me you're looking for?
>> या
>> नमस्ते! क्या आप मुझे तलाश रहे हैं?
>> आलोक
>> On 21 अक्तू, 10:59, Kakesh Kumar <kakeshku...@gmail.com> wrote: >>> देवनागिरी में हिन्दी लिखना ज्यादा सरल लगता है। हाँलांकि इसमें समय थोड़ा >>> ज्यादा लगता >>> है। विशेषत: गलती होने पर उसे सुधारने में।
>>> दिनेश जी : क़ृपया टाइपिंग़ ट्यूटर कहाँ से उपलब्ध होगा उसके बारे में बतायें। >>> मैं इंस्क्रिप्ट >>> सीखना चाहता हूँ।
>>> काकेश
>>> दिनेशराय द्विवेदी wrote: >>> > हिन्दी इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखने में मात्र एक सप्ताह का समय लगता है यदि >>> > प्रतिदिन >>> > पंद्रह पंद्रह मिनट के चार अभ्यास किये जाएँ। गति रोमन से अंग्रेजी >>> > टाइपिंग >>> > जितनी आती >>> > है। की बोर्ड एक्सपी या उस से ऊपर के सभी संस्करणों में उपलब्ध है। यहाँ >>> > तक >>> > कि टाइपिंग >>> > ट्यूटर उपलब्ध है। खेल खेल में आदमी सीख जाता है। आप सब लोग इस की कोशिश >>> > क्यों नहीं >>> > करते। क्यों रोमन और ट्रांसलिटरेशन के सहारे रहते हैं? हिंदी का काम करना >>> > है तो यह >>> > करना ही चाहिए आप आसानी से कम समय में अधिक काम कर सकेंगे और शुद्धता भी >>> > बनी रहेगी।
>>> > देवनागरी लिपि में लिखना निश्चित तौर पर अधिक समय खाता है. परंतु सही >>> > उच्चारण >>> > के लिए यह लिपि श्रेष्ठ है.
>>> > रोपन लिपि मे लिखना सरल लेकिन पढना कठीन होता है विशेष रूप से यदि >>> > हिन्दी >>> > सहित अन्य भारतीय भाषाओं को रोमन में लिखा जाए तो.
>>> > जो भाषा जिस लिपि में लिखी जा रही है और व्यवहारिक है उसी में लिखी >>> > जानी >>> > चाहिए, ऐसा मेरा मानना है.
>>> > तो मैं हिन्दी को देवनागरी में ही लिखुंगा चाहे समय अधिक लगे. वैसे अब >>> > ट्रांसलिटरेटेड >>> > देवनागरी लिखने अभ्यास हो गया है. मुझे कोई परेशानी नही है. >>> > _________________________________________
>>> > ट्रांसलिटरेटेड देवनागरी लिखने मे समय अधिक लगता है, लेकिन रोमन >>> > में लिखी >>> > हिंदी पढना और भी अधिक खिन्न करता है. >>> > विनम्र विचार में होना ये चाहिए कि अंग्रेजी लिखो रोमन में और >>> > हिन्दी >>> > देवनागरी में.
>>> > मित्रों, >>> > जानना चाहता हूँ कि आपके इस संबंध में क्या अनुभव हैं। क्या >>> > आपको >>> > देवनागरी में हिन्दी लिखने में अधिक समय लगता है, बजाय रोमन >>> > में >>> > अंग्रेज़ी लिखने के? >>> > अपने अनुभव आपके सुनने के बाद।
> हिन्दी में लिखना ज्यादा आसान होगा। क्योंकि अंग्रेजी के मामले में पहले > तो कुछ सैकण्ड (या माइक्रोसैकण्ड) ही सही दिमाग को अनुवाद करने में > लगेंगे, भले ही आप अंग्रेजी के विद्वान हों लेकिन मातृभाषा तो हिन्दी ही > है, हिन्दी में सोचने वाला समय नहीं लगेगा।
श्रीश, क्या यह अपने अनुसार कहा है? क्योंकि कोई भी व्यक्ति किसी भी भाषा में तब तक निपुण नहीं हो सकता यदि उसको उस भाषा में अपने विचार व्यक्त करने के लिए पहले किसी अन्य भाषा में सोचना पड़े और फिर वह उसका अनुवाद वांछित भाषा में करे। :) आप किसी भी भाषा में निपुण तभी हो सकते हैं जब आप उस भाषा में ही सीधे अपने विचार व्यक्त कर सकें बिना अनुवाद करे। मस्तिष्क की कोई भाषा नहीं होती, भाषा की आवश्यकता केवल विचार व्यक्त करने और दूसरे व्यक्ति से कम्यूनिकेट करने के लिए होती है।
यही बात कॉलेज में मेरे फ्रेन्च के अध्यापक ने बतलाई थी कि किसी भी भाषा में निपुण होने का तरीका यही है कि अनुवाद करने की ओर ध्यान न दिया जाए, भाषा के शब्द स्वयं ही निकल वाक्यों की रचना करें तभी निपुणता हासिल की जा सकती है।
इसलिए यहाँ यह वाला फैक्टर तो खारिज ही हो जाता है कि पहले हिन्दी में सोचेंगे और तत्पश्चात उसका अनुवाद अंग्रेज़ी में करेंगे और तत्पश्चात उसको टाइप किया अथवा लिखा जाएगा।
*तो चाहे टाइपिंग हो या कलम से कागज़ इत्यादि पर लिखने की बात, अधिक गति उसी लिपि में होगी जिस पर टाइपिंग अथवा लिखने का अभ्यास अधिक है।* * * हाँ यह बात तभी लागू होगी जब टाइप करने अथवा लिखने वाला व्यक्ति हिन्दी और अंग्रेज़ी में समान रूप की महारत रखना हो। यदि वह अंग्रेज़ी में विचार व्यक्त करने के लिए पहले हिन्दी या किसी अन्य भाषा में सोचता है और तत्पश्चात उसका अनुवाद अंग्रेज़ी में करता है तो यकीनन अंग्रेज़ी में विचार व्यक्त करने में उसे अधिक समय लगेगा। लेकिन ऐसे टैस्ट केस में बॉयस (bias) अंग्रेज़ी के खिलाफ़ रहेगा इसलिए यह उचित टैस्ट केस (test case) नहीं होगा। उचित टैस्ट केस तभी हो सकता है जब जिन दो भाषाओं में तुलना की जा रही है उनका ज्ञान समान रूप से हो।
निजि तौर पर यदि मैं अपनी बात करूं तो पिछले ४-५ साल से हिन्दी में ब्लॉग और अन्य हिन्दी ब्लॉगों पर टिप्पणियाँ तथा चैट पर बात करते-२ टाइपिंग की गति लगभग अंग्रेज़ी की गति समान ही हो गई है इसलिए मुझे आज की तारीख में देवनागरी में हिन्दी तथा रोमन में अंग्रेज़ी टाइप करने में लगभग समान ही समय लगता है (पलड़ा अभी भी थोड़ा रोमन अंग्रेज़ी की ओर झुका हुआ है क्योंकि उसका अधिक लंबा अभ्यास है)।
ई-पण्डित सही कह रहे हैं। मैं ने कृतिदेव फोन्ट से हिन्दी टाइपिंग का आरंभ किया था। हिन्दी का टाइपिंग ट्यूटर अनुपलब्ध था। लेकिन मैं ने मेकेनिकल टाइपराइटर के लिए हिन्दी टाइपिंग सीखने की पुस्तक के सहारे उसे सीख डाला और अपने अदालती काम करने लगा। बाद में जब ब्लागिरी आरंभ की तो वहाँ मुझे हिन्दी आईएमई में रेमिंग्टन की बोर्ड मिला जो लगभग कृतिदेव जैसा ही था। उस से मैं टाइप तो करता था लेकिन टाइप किया हुआ ब्राउजर्स में गड़बड़ा जाता था। मैं ने खुद जाँचा तो पाया कि इनस्क्रिप्ट से टाइप किया हुआ सभी ब्राउजर्स में अक्षरों को सही दिखाता है। मुझे इनस्क्रिप्ट सीखने की धुन सवार हुई। उन दिनों अदालतों में दिसम्बर का अवकाश था। रवि रतलामी जी ने मुझे आसान हिन्दी टाइपिंग ट्यूटर बताया और उस की मदद से मैं तीन दिनों में ही इनस्क्रिप्ट के माध्यम से पोस्ट लिखने के काबिल हो गया। एक माह बाद गति भी बन गई जो धीरे धीरे तेज होती गई। मैं अंग्रेजी और हिन्दी टाइपिंग दोनों सहजता से टाइप करता हूँ। यहां यह भी आसान है कि आप बीच बीच में शॉर्टकट का प्रयोग कर के अंग्रेजी भी उसी आसानी से टाइप कर सकते हैं। कभी कभी लगता है कि मैं अंग्रेजी से अधिक गति से हिन्दी टाइप कर लेता हूँ। यह इस कारण संभव है कि इन्स्क्रिप्ट की बोर्ड बहुत शोध के उपरांत बनाया गया है। इस में शुद्धता बनी रहती है। और जो टाइप करना होता है वही टाइप किया जाता है। जैसे यदि मुझे रवि रतलामी टाइप करना है तो मैं र व ि र त ल ा म ी टाइप करता हूँ जब कि अंग्रेजी में मुझे r a v i r a t a l a m i अर्थात आर ए वी आई आर ए टी ए एल एम आई टाइप करना पड़ता है। जिस के लिए दिमाग को इस्तेमाल करना जरूरी होता है। जब कि देवनागरी इनस्क्रिप्ट से टाइप करते समय स्पेलिंग बनाने के लिए दिमाग का इस्तेमाल करने की जरूरत ही नहीं होती। इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखते समय मेरी उम्र 52 वर्ष से अधिक थी। यदि हिन्दी का काम करना है तो हर व्यक्ति को इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीख लेनी चाहिए।
> ट्यूटर का पता विकिपीडिया के लेख में नीचे जोड़ दिया है।
> २१-१०-०९ को, ePandit | ई-पण्डित <sharma.shr...@gmail.com> ने लिखा: > > हिन्दी में लिखना ज्यादा आसान होगा। क्योंकि अंग्रेजी के मामले में पहले > > तो कुछ सैकण्ड (या माइक्रोसैकण्ड) ही सही दिमाग को अनुवाद करने में > > लगेंगे, भले ही आप अंग्रेजी के विद्वान हों लेकिन मातृभाषा तो हिन्दी ही > > है, हिन्दी में सोचने वाला समय नहीं लगेगा। आप समय टाइप करना शुरु करने > > से नहीं बल्कि सोचना शुरु करने से गिनना शुरु कीजिए।
> > हाँ अगर आपको सोचकर नहीं बल्कि किसी दूसरे कागज आदि से देखकर लिखना है तो > > शायद अंग्रेजी कुछ जल्दी होगा।
> > दूसरी बात कि बन्दा नया है या पुराना। नए बन्दे को हिन्दी टाइप करने में > > फिर भी ज्यादा समय लगेगा, पुराने को कोई विशेष नहीं।
> > अगली बात आपके पसंदीदा टाइपिंग टूल की उपलब्धता। अगर आपका पसंदीदा टूल > > (मेरे मामले मे विण्डोज का डिफॉल्ट हिन्दी कीबोर्ड) है तो तत्काल हिन्दी > > में शुरु हो जाएंगे।
> > और अन्तिम बात टाइपिंग विधि की। अगर आपको इनस्क्रिप्ट का अच्छा अभ्यास है > > तो बहुत ही कम समय लगेगा। मुझे अंग्रेजी और हिन्दी दोनों का ही टच > > टाइपिंग का अभ्यास है। अंग्रेजी क्वर्टी का ८-९ साल से जबकि हिन्दी > > इनस्क्रिप्ट का केवल लगभग २ साल से। तब भी मेरी दोनों की गति लगभग समान > > है।
> > निष्कर्ष - यदि मुझे कुछ सोच कर लिखना हो तो हिन्दी में जल्दी होगा।
> > P.S. हिन्दी इनस्क्रिप्ट के लिए 'आसान हिन्दी टाइपिंग ट्यूटर' नाम से > > उपलब्ध है। गूगल बाबा से पता पूछ लें। बाकी इधर देखें - > > http://en.wikipedia.org/wiki/InScript_Typing > > २१-१०-०९ को, आलोक | Alok <alok.ku...@gmail.com> ने लिखा: > >> शायद मैं अपना सवाल ठीक से नहीं प्रकट कर पाया।
> >> सवाल यह था -
> >> देवनागरी में हिंदी लिखना ज़्यादा सरल है या रोमन में अंग्रेज़ी लिखना?
> >> अर्थात् अगर आपको फ़टाफ़ट लिखना हो और यदि आप हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों > >> जानते हैं और आपका पाठक भी, तो क्या लिखना ज़्यादा सरल और त्वरित होगा -
> >> Hello! Is it me you're looking for?
> >> या
> >> नमस्ते! क्या आप मुझे तलाश रहे हैं?
> >> आलोक
> >> On 21 अक्तू, 10:59, Kakesh Kumar <kakeshku...@gmail.com> wrote: > >>> देवनागिरी में हिन्दी लिखना ज्यादा सरल लगता है। हाँलांकि इसमें समय थोड़ा > >>> ज्यादा लगता > >>> है। विशेषत: गलती होने पर उसे सुधारने में।
> >>> दिनेश जी : क़ृपया टाइपिंग़ ट्यूटर कहाँ से उपलब्ध होगा उसके बारे में > बतायें। > >>> मैं इंस्क्रिप्ट > >>> सीखना चाहता हूँ।
> >>> काकेश
> >>> दिनेशराय द्विवेदी wrote: > >>> > हिन्दी इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखने में मात्र एक सप्ताह का समय लगता है > यदि > >>> > प्रतिदिन > >>> > पंद्रह पंद्रह मिनट के चार अभ्यास किये
<<यदि हिन्दी का काम करना है तो हर व्यक्ति को इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीख लेनी चाहिए। >>
द्विवेदी जी, क्या आप बता सकते हैं कि हिन्दी में आपकी टाइपिंग स्पीड (शब्द संख्या/मिनट में) क्या है ? मैं भी सीधे देवनागरी में ही टाइप करता हूँ परन्तु फ़ोनेटिक कुंजीपटल से । जैसे "ज्ञान" टाइप करना हो तो क्रमशः "ज ् ञ ा न" टाइप करता हूँ । एक बार जाँचकर देखा तो मेरी टाइपिंग स्पीड 21 शब्द/ मिनट थी । ---नारायण प्रसाद
२१ अक्तूबर २००९ ११:४७ PM को, दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com> ने लिखा:
> ई-पण्डित सही कह रहे हैं। मैं ने कृतिदेव फोन्ट से हिन्दी टाइपिंग का आरंभ > किया था। हिन्दी का टाइपिंग ट्यूटर अनुपलब्ध था। लेकिन मैं ने मेकेनिकल > टाइपराइटर के लिए हिन्दी टाइपिंग सीखने की पुस्तक के सहारे उसे सीख डाला और > अपने अदालती काम करने लगा। बाद में जब ब्लागिरी आरंभ की तो वहाँ मुझे हिन्दी > आईएमई में रेमिंग्टन की बोर्ड मिला जो लगभग कृतिदेव जैसा ही था। उस से मैं टाइप > तो करता था लेकिन टाइप किया हुआ ब्राउजर्स में गड़बड़ा जाता था। मैं ने खुद > जाँचा तो पाया कि इनस्क्रिप्ट से टाइप किया हुआ सभी ब्राउजर्स में अक्षरों को > सही दिखाता है। मुझे इनस्क्रिप्ट सीखने की धुन सवार हुई। उन दिनों अदालतों में > दिसम्बर का अवकाश था। रवि रतलामी जी ने मुझे आसान हिन्दी टाइपिंग ट्यूटर बताया > और उस की मदद से मैं तीन दिनों में ही इनस्क्रिप्ट के माध्यम से पोस्ट लिखने के > काबिल हो गया। एक माह बाद गति भी बन गई जो धीरे धीरे तेज होती गई। > मैं अंग्रेजी और हिन्दी टाइपिंग दोनों सहजता से टाइप करता हूँ। यहां यह भी > आसान है कि आप बीच बीच में शॉर्टकट का प्रयोग कर के अंग्रेजी भी उसी आसानी से > टाइप कर सकते हैं। कभी कभी लगता है कि मैं अंग्रेजी से अधिक गति से हिन्दी टाइप > कर लेता हूँ। > यह इस कारण संभव है कि इन्स्क्रिप्ट की बोर्ड बहुत शोध के उपरांत बनाया गया > है। इस में शुद्धता बनी रहती है। और जो टाइप करना होता है वही टाइप किया जाता > है। जैसे यदि मुझे रवि रतलामी टाइप करना है तो मैं र व ि र त ल ा म ी टाइप करता > हूँ जब कि अंग्रेजी में मुझे r a v i r a t a l a m i अर्थात आर ए वी आई आर ए > टी ए एल एम आई टाइप करना पड़ता है। जिस के लिए दिमाग को इस्तेमाल करना जरूरी > होता है। जब कि देवनागरी इनस्क्रिप्ट से टाइप करते समय स्पेलिंग बनाने के लिए > दिमाग का इस्तेमाल करने की जरूरत ही नहीं होती। > इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखते समय मेरी उम्र 52 वर्ष से अधिक थी। यदि हिन्दी का > काम करना है तो हर व्यक्ति को इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीख लेनी चाहिए।
नारायण जी, मैं ने कभी जाँचा न था। लेकिन अभी आप के संदेश के बाद जाँच कर देखा है कि मेरी गति इन्स्क्रिप्ट से वर्ड पैड में टाइप करते समय 32 शब्द प्रतिमिनट आती है। इसी तरह जीमेल के बाक्स में भी यही गति रहती है।
> <<यदि हिन्दी का काम करना है तो हर व्यक्ति को इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीख लेनी > चाहिए। >>
> द्विवेदी जी, > क्या आप बता सकते हैं कि हिन्दी में आपकी टाइपिंग स्पीड (शब्द संख्या/मिनट > में) क्या है ? मैं भी सीधे देवनागरी में ही टाइप करता हूँ परन्तु फ़ोनेटिक > कुंजीपटल से । जैसे "ज्ञान" टाइप करना हो तो क्रमशः "ज ् ञ ा न" टाइप करता हूँ > । एक बार जाँचकर देखा तो मेरी टाइपिंग स्पीड 21 शब्द/ मिनट थी । > ---नारायण प्रसाद
> २१ अक्तूबर २००९ ११:४७ PM को, दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com> ने > लिखा:
>> ई-पण्डित सही कह रहे हैं। मैं ने कृतिदेव फोन्ट से हिन्दी टाइपिंग का आरंभ >> किया था। हिन्दी का टाइपिंग ट्यूटर अनुपलब्ध था। लेकिन मैं ने मेकेनिकल >> टाइपराइटर के लिए हिन्दी टाइपिंग सीखने की पुस्तक के सहारे उसे सीख डाला और >> अपने अदालती काम करने लगा। बाद में जब ब्लागिरी आरंभ की तो वहाँ मुझे हिन्दी >> आईएमई में रेमिंग्टन की बोर्ड मिला जो लगभग कृतिदेव जैसा ही था। उस से मैं टाइप >> तो करता था लेकिन टाइप किया हुआ ब्राउजर्स में गड़बड़ा जाता था। मैं ने खुद >> जाँचा तो पाया कि इनस्क्रिप्ट से टाइप किया हुआ सभी ब्राउजर्स में अक्षरों को >> सही दिखाता है। मुझे इनस्क्रिप्ट सीखने की धुन सवार हुई। उन दिनों अदालतों में >> दिसम्बर का अवकाश था। रवि रतलामी जी ने मुझे आसान हिन्दी टाइपिंग ट्यूटर बताया >> और उस की मदद से मैं तीन दिनों में ही इनस्क्रिप्ट के माध्यम से पोस्ट लिखने के >> काबिल हो गया। एक माह बाद गति भी बन गई जो धीरे धीरे तेज होती गई। >> मैं अंग्रेजी और हिन्दी टाइपिंग दोनों सहजता से टाइप करता हूँ। यहां यह भी >> आसान है कि आप बीच बीच में शॉर्टकट का प्रयोग कर के अंग्रेजी भी उसी आसानी से >> टाइप कर सकते हैं। कभी कभी लगता है कि मैं अंग्रेजी से अधिक गति से हिन्दी टाइप >> कर लेता हूँ। >> यह इस कारण संभव है कि इन्स्क्रिप्ट की बोर्ड बहुत शोध के उपरांत बनाया गया >> है। इस में शुद्धता बनी रहती है। और जो टाइप करना होता है वही टाइप किया जाता >> है। जैसे यदि मुझे रवि रतलामी टाइप करना है तो मैं र व ि र त ल ा म ी टाइप करता >> हूँ जब कि अंग्रेजी में मुझे r a v i r a t a l a m i अर्थात आर ए वी आई आर ए >> टी ए एल एम आई टाइप करना पड़ता है। जिस के लिए दिमाग को इस्तेमाल करना जरूरी >> होता है। जब कि देवनागरी इनस्क्रिप्ट से टाइप करते समय स्पेलिंग बनाने के लिए >> दिमाग का इस्तेमाल करने की जरूरत ही नहीं होती। >> इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीखते समय मेरी उम्र 52 वर्ष से अधिक थी। यदि हिन्दी का >> काम करना है तो हर व्यक्ति को इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सीख लेनी चाहिए।
<<मेरी गति इन्स्क्रिप्ट से वर्ड पैड में टाइप करते समय 32 शब्द प्रतिमिनट आती है। >>
तब तो आप एक दक्ष हिन्दी टंकक हैं ! एक पेशेवर टंकक के लिए 30 शब्द/ मिनट की टंकण गति की आवश्यकता होती है और आप 32 शब्द/ मिनट की टंकण गति प्राप्त कर चुके हैं । ---नारायण प्रसाद २२ अक्तूबर २००९ ७:५७ AM को, दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com> ने लिखा:
> नारायण जी, > मैं ने कभी जाँचा न था। लेकिन अभी आप के संदेश के बाद जाँच कर देखा है कि मेरी > गति इन्स्क्रिप्ट से वर्ड पैड में टाइप करते समय 32 शब्द प्रतिमिनट आती है। इसी > तरह जीमेल के बाक्स में भी यही गति रहती है।