प्राणायाम का महत्व एवं लाभ
प्राण का आयाम (नियंत्रण) ही प्राणायाम है | हमारे शरीर मे जितनी भी
चेष्टाये होती है , सभी का प्राण से प्रत्यक्ष या परोक्ष सम्बन्ध है |
प्रतिक्षण जीवन और मृत्यु का जो अटूट सम्बन्ध मनुष्य के साथ है , वह भी
प्राण के संयोग से ही है |जैसे अग्नि आदि मे तपाने से सुवर्ण आदि धातुओं के
मल , विकार नष्...ट हो जाते है, वैसे ही प्राणायाम से इन्द्रियों एवम मन
के दोष दूर हो जाते है |
योग और प्राणायाम एक दूसरे के पूरक का ही कार्य करते है |
जैसे की
स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा है की प्राणायाम हमारे भीतर का software
सही करता है और योग(व्यायाम और आसन) हमारे बाहर के hardware को सही करते है
|
अगर हमको अपनी चेतना को उच्च स्तर पर लेकर जाना है तो उसके लिए
प्राणायाम बहुत आवश्यक है |
योग और प्राणायाम मनुष्य को उस स्तर तक
पंहुचा देते है जहाँ पर पहुँच कर मनुष्य को ये आत्मानुभव होता है की वोह
इश्वर के कितने करीब पहुँच गया है |
मूलाधार चक्र से सह्श्रार चक्र
को जगाकर मनुष्य अपनी कुण्डलिनी शक्ति को जाग्रत कर सकता है और उसके बाद
उसका साक्षात्कार सीधे परमात्मा से ही होता है | इतनी शक्ति होती है
प्राणायाम में |
--
भवदीय ,
पंकज अग्रवाल
विशिष्ट सदस्य, भारत स्वाभिमान
भारत स्वाभिमान व्यवस्था परिवर्तन पत्रक पढने के लिए :
http://www.bharatswabhimantrust.org/bharatswa/vyavstha%20parivartan.pdf
--
Manage emails receipt at
http://groups.google.com/group/bharatswabhimantrust/subscribe
To post ,send email to
bharatswab...@googlegroups.com
Visit
http://www.rajivdixit.com for Rajiv Dxit audio and videos lectures.