अन्ना के वकील मिलिंद पवार ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने यह
चेतावनी भी दी है कि यदि कोई अपने कार्य रिपोर्ट या फ्लेक्स पर अन्ना के
नाम अथवा फोटो का उपयोग करता है तो उस पर फौजदारी कार्रवाई की जाएगी।
पवार ने बताया कि महानगरपालिका, जिला परिषद एवं पंचायत समितियों के चुनाव
घोषित होने के बाद से कई राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों ने अन्ना से
मिलकर उनका समर्थन हासिल करने का प्रयास किया है। साथ ही उन्होंने अपने
कार्य रिपोर्ट में अन्ना का नाम व फोटो छापने के लिए अनुमति भी मांगी,
जिसे अन्ना ने स्पष्ट रूप से नकार दिया है।
पवार ने साफ किया कि अन्ना ने किसी पार्टी अथवा उम्मीदवार को समर्थन
नहीं दिया है। फिर भी कई उम्मीदवार मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए
अन्ना के नाम एवं फोटो का उपयोग कर रहे हैं। उन पर कानूनी कार्रवाई की
जा रही है। पवार ने मतदाताओं से भी अनुरोध किया है कि वो इस मुगालते में
न रहें कि किसी भी पार्टी अथवा उम्मीदवार को अन्ना का समर्थन है।