स्वामी रामदेव जी का अंधभक्त

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kaushal

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Jun 1, 2012, 7:10:54 AM6/1/12
to bharatswabhimantrust
आज कुछ तथा कथित बुद्धिजीवी-देशभक्त फेसबुक पर स्वामी रामदेव जी की तमाम
आलोचनाये करते नज़र आ रहे है और खुद को क्रन्तिकारी (नेता जी सुभाष और भगत
सिंह के अनुगामी ) मानते है, और स्वामी जी की शांति की अपील को कायर और
कमजोर की संज्ञा भी देने लगे हैं मै उनके विचारो का खंडन करता हूँ ,
सबसे पहले मै आप को बताना चाहता हूँ की मै स्वामी रामदेव जी का अंधभक्त
नहीं हूँ , बल्कि उनका सम्मान करता हूँ क्योंकि वो प्रमाणिकता से अपने
सन्यास धर्म को निभाते हुए देश हित में दिन-रात तप कर रहे हैं, आज देश
में कोई दूसरा दूर-दूर तक नज़र नहीं आता जो स्वामी जी जैसा तप देश को
न्याय दिलाने के लिए करता हो, परन्तु सबसे बड़े दुःख की बात ये है की जब
हम स्वामी जी पर ही संदेह करके आरोप लगाने लगते है, जबकि आरोप लगाने वाले
ये भूल जाते हैं की देश के भले के लिए उनका क्या और कितना योगदान है,
आरोप लगाने से पहले कम से कम एक बार तो सोचना ही चाहिए की क्या केवल सोसल
मिडिया में लिखने भर से क्रांति और परिवर्तन हो जायेगा? और आप देश के
तमाम लोगो को जागरूक कर पाएंगे?
मै मानता हूँ की स्वामी जी भी कोई भगवान नहीं है जो गलती नहीं कर सकते,
उनसे भी गलती हो सकती है, लेकिन इससे उनकी प्रमाणिकता कम नहीं होती, आज
स्वामी जी जिस स्थान पर हैं उन पर बहुत बड़ी जिमेदारी है उनका एक गलत
बयान पूरे आन्दोलन के लिए घातक हो सकता है, स्वामी जी का उद्देश्य देश को
गृह युद्ध की ओर लेजाना नहीं है, अपितु सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाना
है , यदि बाबा जी किसी तरह की उग्र बयानबाजी करे तो भी क्या होगा? क्या
लोग आक्रामक हो कर मार- काट कर ले तो काला धन देश को मिल जायेगा या
व्यवस्था परिवर्तन का काम पूरा हो जायेगा इसलिए मै सभी से निवेदन करता
हूँ की धैर्य बनाये रक्खे और इस तरह गुमराह करने वाली बाते न करे, और
ध्यान भी न दे , क्योंकि ये सरकार कभी नहीं चाहती की अभियान सफल हो इसलिए
तमाम तरह के भ्रम, षड्यंत्र के तहत फैलाये जाते हैं ,
इसलिए अपने विवेक का इस्तेमाल करे और अविश्वाश को स्थान न
दे ............वन्देमातरम

debakanta sandha

unread,
Jun 8, 2012, 11:01:08 AM6/8/12
to bharatswab...@googlegroups.com

आप का लेख सराहनीय हें.

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