बड़े दर्द की बात है कि तामिलनाडू के हिन्दू कैसे " गौ मांस भक्षक " हो गए ...... मेरी वहां के हिन्दू धर्मावलम्बी विभिन्न मतावलंबियों के धर्म गुरुओं से कर बद्ध प्रार्थना है कि अपने अनुयाइयों को इस कुकृत्य से बचाए . गौ मांस खाना किसी हिन्दू के लिए निकृष्टतम कृत्य है . चूंकि हम गाय को माता समान मानते
हैं अतएव कड़े शब्दों में कहा जाय तो यह " माँ - मांस " ही तो हुआ ...... कृपया समझें इस बात को और बचाए हमारी माँ को .......
जुगल किशोर सोमाणी , जयपुर