[आवाज अपनी] हर कदम स्टेडियम की ओर ....और मन में एक संत के प्रति गहरी श्रद्दा ...

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तरुण भारतीय

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May 30, 2012, 10:59:36 PM5/30/12
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रविवार 20 मई सुबह झुंझुनूं शहर का तकरीबन हर कदम जिला स्वर्ण जयंती स्टेडियम की ओर था। आमतौर पर अंधेरे में डूबी रहने वाली मंडावा रोड पर छह बजे से पहले चहल-पहल नहीं रहती। रविवार को तो तड़के चार बजे पहले ही रोड जाग चुकी थी। उत्साह से भरे बुजुर्ग। जोश से लबरेज बच्चे। महिलाएं और युवतियां भी कहां पीछे रहने वाली थीं? सभी का एक ही मकसद था। कुछ देर योग गुरु स्वामी रामदेवजी  के सान्निध्य में रहकर स्वस्थ्य जीवन के दो-चार टिप्स ले लें। इनसे स्वामीजी  ने योग से शक्ति लेकर शक्तिशाली राष्ट्र बनाने का आह्वान किया।
मस्त मस्त मौसम
स्टेडियम का माहौल योग के अनुष्ठान को ऊंचाई देने वाला था। फिजां में कभी भजन बजते तो कभी देशभक्ति के तराने। इनकी धुन बाबा के साथ योग और प्राणायाम की विभिन्न क्रियाएं करने का जोश जगाती। बीच-बीच में भारत माता और हिंदुस्तान के जयकारे जोश को दुगुना करते। मंद-मंद बहती ठंडी हवा ने इतना तो अहसास करा दिया कि पंखे-कूलर और एसी इसका मुकाबला नहीं कर सकते। उदित होते सूरज की रश्मियों ने जब स्टेडियम में प्रवेश किया तो सूर्यनमस्कार करते हजारों लोगों ने एक साथ इन्हें नमन किया।
योग में भी नंबर वन झुंझुनूं
स्वामी रामदेव जी  ने ठेठ शेखावाटी में बात करते हुए योग साधकों का दिल जीत लिया। अंचल में सदियों से प्रचलित नुस्खे उसी अंदाज में बताए जैसे बड़े-बुजुर्ग बताते हैं। वे बोले, ‘राबड़ी पीओ जौ- बाजरा की, राबड़ी से गर्मी कोनी लागेगी। टाबरां ने कोल्ड डिं्रक मत प्याओ, बाने छाछ-मक्खन खिलाओ। मोटी-मोटी लुगायां योग करे तो पतळी हो जावैगी। झुंझुनूं एजुकेशन में नंबर वन है। आज योग में भी नंबर वन होग्यो।Ó आसपास गांवों से पहुंचे साधकों ने भी अपने योग अनुभव इसी लहजे में बताएं।
बाबा जी की बेबाकी
हम अखंड भारत की बात करते हैं और सबको साथ लेकर चलते हैं। दलित हर जाति में है, दलित कोई जाति या धर्म नहीं। जब राजनीति में काला धन आता है तो नोट से वोट खरीदा जाता है। आईपीएल में आता है तो खिलाड़ी खरीदे और बेचे जाते हैं। क्रिकेट नहीं यह काला खेल है। कालाधन नक्सलियों, आतंकियों के पास जाता है। हम कालाधन वापस लाने का संकल्प करते हैं। यह देश के विकास में लगेगा तो बच्चों को अच्छी एजुकेशन मिलेगी और उन्हें कॅरिअर की चिंता नहीं रहेगी।
सत्यमेव जयतेÓ कन्या बचाने का संदेश देने वाला नहीं पैसा कमाने का धंधा है। तीन जून को जंतर-मंतर पर हम देश की सरकार का कच्चा चिट्ठा खोलेंगे। इसके बाद बाबाजी  ने शहीद करणीराम-रामदेव, पीरूसिंह को नमन किया।और इसके बाद नवलगढ़ कि धरा पर शाम चार बजे स्वामीजी ने जन सभा को सबोधित किया .............. ऐसी पुण्य आत्मा  के चरणों में पुन कोटिश नमन ..



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Posted By तरुण भारतीय to आवाज अपनी on 5/31/2012 08:29:00 AM
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