मित्रों
क्या उर्दू से अन्य भारतीय भाषाओं के लिए लिप्यतंरण सुविधा उपलब्ध है?
क्योंकि उर्दू का साहित्य लिपि के कारण हम पढ नहीं सकते. रोमन से अन्य
भारतीय भाषाओं में गिरगीट तथा इंडिक ट्रांसलिटरेशन की सुविधा है लेकिन
क्या कोई मुझे उर्दू को नागरी लिपि में बदलने की तरकीब बता सकता है।
----- Original Message ----- From: <viprakam...@gmail.com> To: "Chithakar" <Chithakar@googlegroups.com> Sent: Monday, May 12, 2008 4:14 PM Subject: [Chitthakar] उर्दू से अन्य भारतीय भाषाओं के लिए लिप्यतंरण सुविधा
> मित्रों > क्या उर्दू से अन्य भारतीय भाषाओं के लिए लिप्यतंरण सुविधा उपलब्ध है? > क्योंकि उर्दू का साहित्य लिपि के कारण हम पढ नहीं सकते. रोमन से अन्य > भारतीय भाषाओं में गिरगीट तथा इंडिक ट्रांसलिटरेशन की सुविधा है लेकिन > क्या कोई मुझे उर्दू को नागरी लिपि में बदलने की तरकीब बता सकता है।
bhomio.com is no more operative. tucows.com holds the ownership now
but i guess the original code can be put up on any other site .. for example : www.<anotherSite>.com/bhomiyo .. IF the original code guy(s) have no objections to this scheme
----- Original Message ----- From: Sagar Nahar To: Chithakar@googlegroups.com Sent: Tuesday, May 13, 2008 12:15 PM Subject: [Chitthakar] Re: उर्दू से अन्य भारतीय भाषाओं के लिए लिप्यतंरण सुविधा
भोमियो की उस सुविधा से मैने शुऐब के ऊर्दू चिट्ठे को देखआ था, बहुत बढ़िया लिप्यांतरण करता था, शायद चिट्ठाजगत ( गिरगिट) भी इस तरफ ध्यान दे।
यदि थोड़ा प्रयत्न किया जाय तो उर्दू-देवनागरी लिप्यन्तरण औजार बनाया जा
सकता है।
यह किसी फाण्ट परिवर्तक जैसा ही होगा। बस समस्या है कि हममे से अधिकांश
को उर्दू पढ़ना-लिखना नहीं आता है (और इसीलिये यह उपकरण महत्वपूर्ण है)
इसलिये लिप्यन्तरण के अल्गोरिद्म को बनाना मुझे कठिन लग रहा है।
यदि अपने में से कोई बन्धु उर्दू के उच्चारण के नियमों पर प्रकाश डालें
और बतायें कि ऊर्दू के कौन से अक्षर/अक्षर-समूह देवनागरी के किस अक्षर/
अक्षर-समूह के तुल्य होते हैं तो इस पर काम आरम्भ किया जा सकता है। मैने
सुना है कि बहुत से उच्चारण स्थिति/प्रसंग के अनुसार बदलते रहते हैं --
अत: कृपया अपवादों के बारे में भी बतायें। कोई जालस्थल इस तरह की जानकारी
देता हो तो उसे बतायें।
यदि उर्दू-देवनागरी लिप्यन्तरण का कार्य ९०% भी सफल होता है तो मेरे
हिसाब से पर्याप्त है। आदमी की बुद्धि बहुत तेज काम करती है; बाकी १०%
की समस्या का हल बुद्धि से हो जायेगा।
मान्यवर आप का यह काम बड़ा अहम् होगा वैसे तो मैं भी आप की मदद कर सकता हूँ, लेकिन मैं आप को एक मित्र का नाम और मेल दे रहा हूँ. अमरीका के कलेफोर्निया में उरदू और हिन्दी पढाते हैं आप अपन्नी योकाना और ज़रूरतों को लिखिए. नाम आफताब अहमद mail aftab...@gmail.com
> यदि थोड़ा प्रयत्न किया जाय तो उर्दू-देवनागरी लिप्यन्तरण औजार बनाया जा > सकता है।
> यह किसी फाण्ट परिवर्तक जैसा ही होगा। बस समस्या है कि हममे से अधिकांश > को उर्दू पढ़ना-लिखना नहीं आता है (और इसीलिये यह उपकरण महत्वपूर्ण है) > इसलिये लिप्यन्तरण के अल्गोरिद्म को बनाना मुझे कठिन लग रहा है।
> यदि अपने में से कोई बन्धु उर्दू के उच्चारण के नियमों पर प्रकाश डालें > और बतायें कि ऊर्दू के कौन से अक्षर/अक्षर-समूह देवनागरी के किस अक्षर/ > अक्षर-समूह के तुल्य होते हैं तो इस पर काम आरम्भ किया जा सकता है। मैने > सुना है कि बहुत से उच्चारण स्थिति/प्रसंग के अनुसार बदलते रहते हैं -- > अत: कृपया अपवादों के बारे में भी बतायें। कोई जालस्थल इस तरह की जानकारी > देता हो तो उसे बतायें।
> यदि उर्दू-देवनागरी लिप्यन्तरण का कार्य ९०% भी सफल होता है तो मेरे > हिसाब से पर्याप्त है। आदमी की बुद्धि बहुत तेज काम करती है; बाकी १०% > की समस्या का हल बुद्धि से हो जायेगा।
-- Meraj Ahmad Reader Deptt. of hindi, AMU Aligarh
भोमियो एक अच्छा औजार था और उसमें बेहतरी हो सकती थी. एक ऐसा ही ऑनलाइन औजार अभी भी काम कर रहा है, परंतु उसकी उपयोगिता अत्यंत सीमित है. बीबीसी उर्दू को हिन्दी में यहाँ देखें -
अनुनाद wrote: > यदि थोड़ा प्रयत्न किया जाय तो उर्दू-देवनागरी लिप्यन्तरण औजार बनाया जा > सकता है।
> यह किसी फाण्ट परिवर्तक जैसा ही होगा। बस समस्या है कि हममे से अधिकांश > को उर्दू पढ़ना-लिखना नहीं आता है (और इसीलिये यह उपकरण महत्वपूर्ण है) > इसलिये लिप्यन्तरण के अल्गोरिद्म को बनाना मुझे कठिन लग रहा है।
> यदि अपने में से कोई बन्धु उर्दू के उच्चारण के नियमों पर प्रकाश डालें > और बतायें कि ऊर्दू के कौन से अक्षर/अक्षर-समूह देवनागरी के किस अक्षर/ > अक्षर-समूह के तुल्य होते हैं तो इस पर काम आरम्भ किया जा सकता है। मैने > सुना है कि बहुत से उच्चारण स्थिति/प्रसंग के अनुसार बदलते रहते हैं -- > अत: कृपया अपवादों के बारे में भी बतायें। कोई जालस्थल इस तरह की जानकारी > देता हो तो उसे बतायें।
> यदि उर्दू-देवनागरी लिप्यन्तरण का कार्य ९०% भी सफल होता है तो मेरे > हिसाब से पर्याप्त है। आदमी की बुद्धि बहुत तेज काम करती है; बाकी १०% > की समस्या का हल बुद्धि से हो जायेगा।
रवि भाई द्वारा उद्धृत भाई रमण कौल का पोस्ट और बीबीसी उर्दू का अनुसरक द्वारा किया गया देवनागरीकरण देखकर मुझे यह आभास हो रहा है कि उर्दू को देवनागरी में बदलने का अल्गोरिद्म बताना बहुत कठिन काम है।
फिर भी भाई मेराज अहमद, उनके मित्र तथा अन्य लोगों का विचार शायद अलग हो और उनका ज्ञान काम कर जाय। मेरा विचार है कि समझने लायक कामचलाऊ लिप्यन्तरण भी हो जाय तो बहुत काम का होगा।
सागर जी
सी-डैक पुणे के फारसी अरबी यूनिट ने लिप्यतंरण की सुविधा दी है लेकिन
हिंदी से उर्दू के लिए। क्या इससे आगे उर्दू से हिंदी सुविधा मिल सकती
है .
http://parc.cdac.in
Vijay Prabhakar Kamble
On May 14, 12:53 pm, "Sagar Nahar" <sagarna...@gmail.com> wrote:
viprakam...@gmail.com> wrote: > सागर जी > सी-डैक पुणे के फारसी अरबी यूनिट ने लिप्यतंरण की सुविधा दी है लेकिन > हिंदी से उर्दू के लिए। क्या इससे आगे उर्दू से हिंदी सुविधा मिल सकती > है . > http://parc.cdac.in
> Vijay Prabhakar Kamble
> On May 14, 12:53 pm, "Sagar Nahar" <sagarna...@gmail.com> wrote: > > > पर, रमण कौल ने इस पर विस्तृत लेख लिखा है कि हिन्दी से उर्दू तो संभव है > (कई > > > औजार हैं,) > > > परंतु उर्दू से हिन्दी लगभग असंभव. यहाँ पढ़ें - > > >http://kaulonline.com/chittha/2007/07/urdu-devanagari-comparison/
भावना जी द्वारा दिये गये लिंक उपयोगी हैं किन्तु अपनी उर्दू से हिन्दी लिप्यन्तरण की समस्या का उनके पास भी कोई समाधान नहीं दिखा। यहाँ तक कि हिन्दी से उर्दू के लिप्यन्तरण का प्रतिचित्रण (मैपिंग) तक उन्होने कहीं नहीं दिया है।
उर्दू से देवनागरी लिप्यन्तरण के लिये मेरे मन में एक और विचार आया है। यदि उर्दू से देवनागरी में बदलने का प्रतिचित्रण (mapping) का नियम बताना कठिन है तो इसका समाधान एक उर्दू-देवनागरी शब्दकोश की सहायता से किया जा सकता है। विचार यह है कि लिप्यन्तरण का कार्य शब्दों के स्तर पर किया जाय। उर्दू का एक शब्द लिया जाय और उसके संगत शब्दकोश में पहले से संचित देवनागरी वर्तनी ढ़ूढ़ ली जाय। और जो शब्द इस शब्दकोश में विद्यमान न हों उनका लिपयन्तरण एक पूर्व निर्धारित लिप्यन्तरण के नियम का अनुसरण करते हुए किया जाय। इससे यह होगा कि कुछ शब्दों का लिप्यन्तरण बिल्कुल सही होगा। (और कुछ का अपूर्ण) लिप्यन्तरण में यदि सही शब्दों की मात्रा अधिक होगी तो गलत लिप्यन्तरित कुछ शब्दों के होते हुए भी अर्थ निकालना सम्भव हो सकेगा।
इसके लिये एक हजार से पांच हजार शब्दों का उर्दू-देवनागरी शब्दकोश का प्रबन्ध करना पड़ेगा।
I am sorry I am not a very technical person But I had some time back visited following site and dowload the program which tanslates from Hindi to Urdu - www.crulp.org I have the Zip which can be installed. I can attach it if need be please let me know. I am afraid to attach as it may against the rule. Please let me know the right way and I can send the files that I had download and I am using to tanslate from Hindi to Urdu (It has few limitations which are explained in release notes)
> भावना जी द्वारा दिये गये लिंक उपयोगी हैं किन्तु अपनी उर्दू से हिन्दी > लिप्यन्तरण की समस्या का उनके पास भी कोई समाधान नहीं दिखा। यहाँ तक कि हिन्दी > से उर्दू के लिप्यन्तरण का प्रतिचित्रण (मैपिंग) तक उन्होने कहीं नहीं दिया है।
> उर्दू से देवनागरी लिप्यन्तरण के लिये मेरे मन में एक और विचार आया है। यदि > उर्दू से देवनागरी में बदलने का प्रतिचित्रण (mapping) का नियम बताना कठिन है > तो इसका समाधान एक उर्दू-देवनागरी शब्दकोश की सहायता से किया जा सकता है। विचार > यह है कि लिप्यन्तरण का कार्य शब्दों के स्तर पर किया जाय। उर्दू का एक शब्द > लिया जाय और उसके संगत शब्दकोश में पहले से संचित देवनागरी वर्तनी ढ़ूढ़ ली जाय। > और जो शब्द इस शब्दकोश में विद्यमान न हों उनका लिपयन्तरण एक पूर्व निर्धारित > लिप्यन्तरण के नियम का अनुसरण करते हुए किया जाय। इससे यह होगा कि कुछ शब्दों > का लिप्यन्तरण बिल्कुल सही होगा। (और कुछ का अपूर्ण) लिप्यन्तरण में यदि सही > शब्दों की मात्रा अधिक होगी तो गलत लिप्यन्तरित कुछ शब्दों के होते हुए भी अर्थ > निकालना सम्भव हो सकेगा।
> इसके लिये एक हजार से पांच हजार शब्दों का उर्दू-देवनागरी शब्दकोश का > प्रबन्ध करना पड़ेगा।
> भावना जी द्वारा दिये गये लिंक उपयोगी हैं किन्तु अपनी उर्दू से हिन्दी > लिप्यन्तरण की समस्या का उनके पास भी कोई समाधान नहीं दिखा। यहाँ तक कि हिन्दी > से उर्दू के लिप्यन्तरण का प्रतिचित्रण (मैपिंग) तक उन्होने कहीं नहीं दिया है।
> उर्दू से देवनागरी लिप्यन्तरण के लिये मेरे मन में एक और विचार आया है। यदि > उर्दू से देवनागरी में बदलने का प्रतिचित्रण (mapping) का नियम बताना कठिन है > तो इसका समाधान एक उर्दू-देवनागरी शब्दकोश की सहायता से किया जा सकता है। विचार > यह है कि लिप्यन्तरण का कार्य शब्दों के स्तर पर किया जाय। उर्दू का एक शब्द > लिया जाय और उसके संगत शब्दकोश में पहले से संचित देवनागरी वर्तनी ढ़ूढ़ ली जाय। > और जो शब्द इस शब्दकोश में विद्यमान न हों उनका लिपयन्तरण एक पूर्व निर्धारित > लिप्यन्तरण के नियम का अनुसरण करते हुए किया जाय। इससे यह होगा कि कुछ शब्दों > का लिप्यन्तरण बिल्कुल सही होगा। (और कुछ का अपूर्ण) लिप्यन्तरण में यदि सही > शब्दों की मात्रा अधिक होगी तो गलत लिप्यन्तरित कुछ शब्दों के होते हुए भी अर्थ > निकालना सम्भव हो सकेगा।
> इसके लिये एक हजार से पांच हजार शब्दों का उर्दू-देवनागरी शब्दकोश का > प्रबन्ध करना पड़ेगा।
अनुनाद जी उर्द नागरी शब्दकोश उपलब्ध हो जाएगा। पुणे के श्रीपाद जोशी जी ने उर्द का नागरी कोष बनाया है, आप चाहे तो मैं भेज सकता हूँ। विजय प्रभाकर कांबले 09422726400
२००८ मई १५ ०९:२० को, Anunad Singh <anu...@gmail.com> ने लिखा:
> भावना जी द्वारा दिये गये लिंक उपयोगी हैं किन्तु अपनी उर्दू से हिन्दी > लिप्यन्तरण की समस्या का उनके पास भी कोई समाधान नहीं दिखा। यहाँ तक कि हिन्दी > से उर्दू के लिप्यन्तरण का प्रतिचित्रण (मैपिंग) तक उन्होने कहीं नहीं दिया है।
> उर्दू से देवनागरी लिप्यन्तरण के लिये मेरे मन में एक और विचार आया है। यदि > उर्दू से देवनागरी में बदलने का प्रतिचित्रण (mapping) का नियम बताना कठिन है > तो इसका समाधान एक उर्दू-देवनागरी शब्दकोश की सहायता से किया जा सकता है। विचार > यह है कि लिप्यन्तरण का कार्य शब्दों के स्तर पर किया जाय। उर्दू का एक शब्द > लिया जाय और उसके संगत शब्दकोश में पहले से संचित देवनागरी वर्तनी ढ़ूढ़ ली जाय। > और जो शब्द इस शब्दकोश में विद्यमान न हों उनका लिपयन्तरण एक पूर्व निर्धारित > लिप्यन्तरण के नियम का अनुसरण करते हुए किया जाय। इससे यह होगा कि कुछ शब्दों > का लिप्यन्तरण बिल्कुल सही होगा। (और कुछ का अपूर्ण) लिप्यन्तरण में यदि सही > शब्दों की मात्रा अधिक होगी तो गलत लिप्यन्तरित कुछ शब्दों के होते हुए भी अर्थ > निकालना सम्भव हो सकेगा।
> इसके लिये एक हजार से पांच हजार शब्दों का उर्दू-देवनागरी शब्दकोश का प्रबन्ध > करना पड़ेगा।
very good solution if a good urdu hindi dictionary exists (must be existing already .. only soft copy is neede) then only taking the words .. urdu to hind .. then reversing the list .. hindi to urdu .. and while converting, checking the urdu words found against the urdu word in the bare urdu->hindi list will give 100% accurate transliteration .. verbatim .. and .. like it has been said before .. human mind is a super computer .. it WILL be able to 'translate' .. understand .. and it will be easy for hindi writing guys to 'increase' their knowledge of the sister language
go for it guys .. in this initiative, i can surely take quite some responsibilities
who wants to be the teamLeader (to get the brickbats from time to time ;-) .. they are just a natural thingy)
----- Original Message ----- From: Anunad Singh To: Chithakar@googlegroups.com Sent: Thursday, May 15, 2008 9:20 AM Subject: [Chitthakar] Re: उर्दू से अन्य भारतीय भाषाओं के लिए लिप्यतंरण सुविधा
भावना जी द्वारा दिये गये लिंक उपयोगी हैं किन्तु अपनी उर्दू से हिन्दी लिप्यन्तरण की समस्या का उनके पास भी कोई समाधान नहीं दिखा। यहाँ तक कि हिन्दी से उर्दू के लिप्यन्तरण का प्रतिचित्रण (मैपिंग) तक उन्होने कहीं नहीं दिया है।
उर्दू से देवनागरी लिप्यन्तरण के लिये मेरे मन में एक और विचार आया है। यदि उर्दू से देवनागरी में बदलने का प्रतिचित्रण (mapping) का नियम बताना कठिन है तो इसका समाधान एक उर्दू-देवनागरी शब्दकोश की सहायता से किया जा सकता है। विचार यह है कि लिप्यन्तरण का कार्य शब्दों के स्तर पर किया जाय। उर्दू का एक शब्द लिया जाय और उसके संगत शब्दकोश में पहले से संचित देवनागरी वर्तनी ढ़ूढ़ ली जाय। और जो शब्द इस शब्दकोश में विद्यमान न हों उनका लिपयन्तरण एक पूर्व निर्धारित लिप्यन्तरण के नियम का अनुसरण करते हुए किया जाय। इससे यह होगा कि कुछ शब्दों का लिप्यन्तरण बिल्कुल सही होगा। (और कुछ का अपूर्ण) लिप्यन्तरण में यदि सही शब्दों की मात्रा अधिक होगी तो गलत लिप्यन्तरित कुछ शब्दों के होते हुए भी अर्थ निकालना सम्भव हो सकेगा।
इसके लिये एक हजार से पांच हजार शब्दों का उर्दू-देवनागरी शब्दकोश का प्रबन्ध करना पड़ेगा।
on another note .. exactly the same thing will apply to tamil->hindi .. lots of letter are missing in tamil too .. e.g. there is no kha, ga, gha in tamil
a tamil->hindi dictionary can supply the exact hindi words .. which then can be reversed to give hindi->tamil list .. for 'transliterating' .. and getting exactly correct word translation will be 100% okay .. the grammar will be different .. but maybe 90% sense will be enough to get the 100% 'sense' by using our mind .. the super computer !
i am wanting to be a part of this too .. tamil, telugu, malayalam, kannada, singhalese .. ALL of them
who wnats to be the teamLeader for each of these ?
----- Original Message ----- From: Anunad Singh To: Chithakar@googlegroups.com Sent: Thursday, May 15, 2008 9:20 AM Subject: [Chitthakar] Re: उर्दू से अन्य भारतीय भाषाओं के लिए लिप्यतंरण सुविधा
भावना जी द्वारा दिये गये लिंक उपयोगी हैं किन्तु अपनी उर्दू से हिन्दी लिप्यन्तरण की समस्या का उनके पास भी कोई समाधान नहीं दिखा। यहाँ तक कि हिन्दी से उर्दू के लिप्यन्तरण का प्रतिचित्रण (मैपिंग) तक उन्होने कहीं नहीं दिया है।
उर्दू से देवनागरी लिप्यन्तरण के लिये मेरे मन में एक और विचार आया है। यदि उर्दू से देवनागरी में बदलने का प्रतिचित्रण (mapping) का नियम बताना कठिन है तो इसका समाधान एक उर्दू-देवनागरी शब्दकोश की सहायता से किया जा सकता है। विचार यह है कि लिप्यन्तरण का कार्य शब्दों के स्तर पर किया जाय। उर्दू का एक शब्द लिया जाय और उसके संगत शब्दकोश में पहले से संचित देवनागरी वर्तनी ढ़ूढ़ ली जाय। और जो शब्द इस शब्दकोश में विद्यमान न हों उनका लिपयन्तरण एक पूर्व निर्धारित लिप्यन्तरण के नियम का अनुसरण करते हुए किया जाय। इससे यह होगा कि कुछ शब्दों का लिप्यन्तरण बिल्कुल सही होगा। (और कुछ का अपूर्ण) लिप्यन्तरण में यदि सही शब्दों की मात्रा अधिक होगी तो गलत लिप्यन्तरित कुछ शब्दों के होते हुए भी अर्थ निकालना सम्भव हो सकेगा।
इसके लिये एक हजार से पांच हजार शब्दों का उर्दू-देवनागरी शब्दकोश का प्रबन्ध करना पड़ेगा।
----- Original Message ----- From: भावना महेता - Bhavna Mehta To: Chithakar@googlegroups.com Sent: Thursday, May 15, 2008 8:18 PM Subject: [Chitthakar] Re: उर्दू से अन्य भारतीय भाषाओं के लिए लिप्यतंरण सुविधा
The followingg link gives the keyboard layours of Hindi and urdu Will this help?
किन्तु शर्त यह है कि उसमें उर्दू लिपि में शब्द दिये हों, फिर देवनागरी में उनका उच्चारण दिया हो - तभी यह उपयोगी होगा। हमको हिन्दी अर्थ से मतलब नहीं है बल्कि उर्दू में लिखे का उच्चारण क्या होगा -- इससे मतलब है।
वैसे मैने इस तरह की एक छोटे से उर्दू-देवनागरी उच्चारण कोश का जुगाड़ कर लिया है। दस-पन्द्रह दिनों में उर्दू-देवनागरी लिपि परिवर्तक का पहला संस्करण आप सबके सामने प्रस्तुत करने की कोशिश करूंगा।
> किन्तु शर्त यह है कि उसमें उर्दू लिपि में शब्द दिये हों, फिर देवनागरी में उनका उच्चारण > दिया हो - तभी यह उपयोगी होगा। हमको हिन्दी अर्थ से मतलब नहीं है बल्कि उर्दू में > लिखे का उच्चारण क्या होगा -- इससे मतलब है।
> वैसे मैने इस तरह की एक छोटे से उर्दू-देवनागरी उच्चारण कोश का जुगाड़ कर लिया है। > दस-पन्द्रह दिनों में उर्दू-देवनागरी लिपि परिवर्तक का पहला संस्करण आप सबके सामने > प्रस्तुत करने की कोशिश करूंगा।
> शानदार. क्या भोमियो के पीयूष जी का संपर्क पता आपके पास है? उनसे भी कुछ > इनपुट ले सकते हैं. > रवि
> Anunad Singh wrote: > > विजय प्रभाकर जी,
> > उर्दू-हिन्दी शब्दकोश जरूर भेजिये।
> > किन्तु शर्त यह है कि उसमें उर्दू लिपि में शब्द दिये हों, फिर देवनागरी > में उनका उच्चारण > > दिया हो - तभी यह उपयोगी होगा। हमको हिन्दी अर्थ से मतलब नहीं है बल्कि > उर्दू में > > लिखे का उच्चारण क्या होगा -- इससे मतलब है।
> > वैसे मैने इस तरह की एक छोटे से उर्दू-देवनागरी उच्चारण कोश का जुगाड़ कर > लिया है। > > दस-पन्द्रह दिनों में उर्दू-देवनागरी लिपि परिवर्तक का पहला संस्करण आप > सबके सामने > > प्रस्तुत करने की कोशिश करूंगा।
> शानदार. क्या भोमियो के पीयूष जी का संपर्क पता आपके पास है? उनसे भी कुछ >> इनपुट ले सकते हैं. >> रवि
>> Anunad Singh wrote: >> > विजय प्रभाकर जी,
>> > उर्दू-हिन्दी शब्दकोश जरूर भेजिये।
>> > किन्तु शर्त यह है कि उसमें उर्दू लिपि में शब्द दिये हों, फिर देवनागरी >> में उनका उच्चारण >> > दिया हो - तभी यह उपयोगी होगा। हमको हिन्दी अर्थ से मतलब नहीं है बल्कि >> उर्दू में >> > लिखे का उच्चारण क्या होगा -- इससे मतलब है।
>> > वैसे मैने इस तरह की एक छोटे से उर्दू-देवनागरी उच्चारण कोश का जुगाड़ कर >> लिया है। >> > दस-पन्द्रह दिनों में उर्दू-देवनागरी लिपि परिवर्तक का पहला संस्करण आप >> सबके सामने >> > प्रस्तुत करने की कोशिश करूंगा।
साधारणतः लिखित उर्दू में ह्रस्व इकार और उकार की मात्राएँ छोड़ दी जाती हैं । यदि पाठक उस विशिष्ट शब्द से परिचित है तब तो ठीक है, अन्यथा पढ़ते समय स्वयं ही अकार, इकार या उकार मात्रा की कल्पना करनी पड़ती है । उदाहरण के लिए - "सिलसिला" (سلسلھ) शब्द लें । उर्दू में इसकी वर्तनी (दायें से बायें) इस प्रकार है -
सिन, लाम, सिन, लाम, (छोटी) हे
मोतीलाल बनारसीदास द्वारा प्रकाशित 'हिन्दी-उर्दू शब्दकोश' (संकलनकर्ता - मुहम्मद मुस्तफ़ा ख़ाँ 'मद्दाह') में इस शब्द का लिप्यन्तरण "सिल्सिलः" दिया है । उर्दू सीखने के लिए जून 1977 में मैंने यही कोश खरीदा था ।
'सिलसिला' शब्द यदि पूर्व-परिचित नहीं है, तो 27 तरह से इस शब्द का उच्चारण किया जा सकता है । (१) पहले अक्षर सिन का लिप्यन्तरण स, सि, सु में से कुछ भी हो सकता है । (२) दूसरे अक्षर लाम का लिप्यन्तरण ल, लि, लु में से कुछ भी हो सकता है । (३) तीसरे अक्षर सिन का लिप्यन्तरण स, सि, सु में से कुछ भी हो सकता है ।
Permutation से उच्चारण की कुल संख्या 3 x 3 x 3 = 27
अतः उर्दू से हिन्दी में लिप्यन्तरण बनाते समय इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है ।
जहाँ तक उर्दू का देवनागरी में परिवर्ततन का सवाल है अभी इसके कोश में जो शब्द हैं यदि उसके बाहर का शब्द उसे मिलता है तो उसके जगह पर स्टार रख देता है। संगत उर्दू शब्द में जितने वर्ण हैं उतने स्टार।
अत: इसकी कार्यक्षमता उतना ही अच्छा होगा जितना इसका शब्दकोश।
इसके बाद मै यह करने जा रहा हूँ कि जो शब्द, शब्दकोश में नहीं हैं उन्हे जो कुछ भी टेढ़े-मढ़े और अपूर्ण नियम हैं उनके सहारे उस शब्द को देवनागरी में बदलना।
हार्दिक धन्यवाद. आपने अच्छी पहल की है। आगे इसमें सुधार होता जाएगा। यह एक महत्वपुर्ण कार्य संपन्न हुआ है। आपकी लिंक खुलने पर मेरे कंप्यूटर मैं कुछ भी पढ नहीं पा रहा हूँ। क्या कोई फॉंट डाउनलोड करना होगा.
> जहाँ तक उर्दू का देवनागरी में परिवर्ततन का सवाल है अभी इसके कोश में जो शब्द > हैं यदि उसके बाहर का शब्द उसे मिलता है तो उसके जगह पर स्टार रख देता है। > संगत उर्दू शब्द में जितने वर्ण हैं उतने स्टार।
> अत: इसकी कार्यक्षमता उतना ही अच्छा होगा जितना इसका शब्दकोश।
> इसके बाद मै यह करने जा रहा हूँ कि जो शब्द, शब्दकोश में नहीं हैं उन्हे जो कुछ > भी टेढ़े-मढ़े और अपूर्ण नियम हैं उनके सहारे उस शब्द को देवनागरी में बदलना।