भाई तरुण बड़ी मार्मिक और सच्चे कथन हैं "give n take theory" तुम्हारे मगर एक बात समझो न कि
जो प्रशासनिक कुर्सी पर बैठा हो कम से कम ऐसा तो नहीं कहता।मैंने नये ब्लागर
की समस्या को उठाया तो समुह मे इतनी बेतरतीबी क्यो हो गई
,कुछ जनाब ने तोअत्यंत कड़े रुख का परिचय दिया
,आप जब उपरी तख्ते पर हो तो उत्तरदायित्व दुसराहो जाता है।हमारा तो हक बनता है बात को रखना , रास्ता बनाना वरिष्ठ ब्लागर का