अरे ग्रेग भैया आप गल्तियों
की तो बिल्कुल फिकर मत करो
हमारे हिंदी के टीवी चैनल
वालों, टीवी कलाकारों, फिल्म
कलाकारों से तो आप करोड़
गुना अच्छे हैं कि कम से कम
हिंदी में लिखने की कोशिश कर
रहे हैं...हमारे ये भाई तो
हिंदी की रोटी (नहीं मलाई)
खाने के बावजूद न तो हिंदी
पढ़ सकते हैं न लिख सकते
हैं...बेचारे हिंदी तभी पढ़
पाते हैं जब उसे रोमन
अंग्रेजी में लिखा जाए..गर
आप जैसे अंग्रेजी भाई हिंदी
लिखने लगोगे तो हमारे इन
हिंदी भाई बहनों को कुछ तो
शर्म आएगी...बस अपनी टूटी
फूटी हिंदी में और लिखें
हमें पढ़ने में मजा
आएगा...आपकी हिंदी ठीक ऐसी ही
है जैसे घर के उस छोटे बच्चे
की, घर में छोटा बच्चा बोलने
की शुरुआत करता है तो ऐसी ही
हिंदी बोलता है आप अब हमारे
घर के एक सम्माननीय सदस्य
हैं...अपनी हिंदी हम पर
बरसाते रहिए यकीन मानिए
हमको तोमजा आएगा ही आप हमारे
देसी हिंदी वालों के लिए
ज़बर्दस्त प्रेरणा का काम
करेंगे....